Connect with us

राज्य

एक गांव, दो घर और 12 अर्थियां… वैशाली नाव हादसे में किसी ने बेटियां तो किसी ने बेटे खोए

राघोपुर नाव हादसे ने रामपुर श्यामचंद गांव को ऐसा जख्म दिया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। बुधवार को गांव के दो घरों से एक साथ 12 अर्थियां निकलीं तो पूरा गांव फफक पड़ा। कहीं एक ही परिवार के तीन भाइयों के छह बच्चों और उनकी बहन की मौत से घर उजड़ गया, तो कहीं चार बेटियों और एक बेटे की मौत ने परिवार की खुशियां छीन लीं। बच्चों के शवों से लिपटकर परिजन बिलखते रहे। गांव में मातम ऐसा पसरा कि कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।

एक ही आंगन से उठीं सात अर्थियां, तीन भाइयों का परिवार उजड़ा

रामपुर श्यामचंद गांव में फर्नीचर व्यवसायी सुरेश राय के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। नाव हादसे में उनके परिवार के सात लोगों की मौत हो गई।

मृतकों में सुरेश राय की दो बेटियां अलीशा कुमारी और सृष्टि कुमारी, भाई रामनरेश राय के बेटे पीयूष कुमार और बेटी सोनम कुमारी, दूसरे भाई अखिलेश राय के बेटे आर्यन कुमार और बंटी कुमार शामिल हैं। इसके अलावा तीनों भाइयों की बहन सोनी कुमारी की भी हादसे में जान चली गई।

एक ही घर से सात अर्थियां निकलते देख गांव के लोग अपने आंसू नहीं रोक सके। घर की महिलाओं और बुजुर्गों का रो-रोकर बुरा हाल था। जिस आंगन में बच्चों की हंसी गूंजती थी, वहां एक साथ सात अपनों को खोने का गम पसरा था।

छह बच्चों के साथ इकलौती बहन को भी खोया

सुरेश राय ने बताया कि हादसे में तीनों भाइयों के छह बच्चे और उनकी बहन की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि 13 भाई-बहनों में सोनी सबसे छोटी थी।

एक ही हादसे में परिवार के इतने सदस्यों को खोने से घर के लोग गहरे सदमे में हैं। बच्चों की मौत ने तीनों भाइयों के परिवारों को भीतर तक तोड़ दिया है। गांव में हर तरफ शोक और सन्नाटा पसरा है।

दूसरे घर से भी उठीं पांच अर्थियां, चार बेटियां और एक बेटा नहीं रहे

इसी गांव में एक दूसरे परिवार की पीड़ा भी कम नहीं थी। नाव हादसे में सत्येंद्र राय की 14 वर्षीय बेटी निशु कुमारी की मौत हो गई।

उनके भतीजे राजकिशोर राय की तीन बेटियां—14 वर्षीय अंकिता, 10 वर्षीय अंकि और सात वर्षीय अमृता—भी हादसे में जान गंवा बैठीं। वहीं, दूसरे भतीजे मुकेश राय के आठ वर्षीय बेटे नमन कुमार की भी मौत हो गई। बुधवार को इस परिवार से पांच बच्चों की अर्थियां निकलीं तो पूरा गांव एक बार फिर बिलख उठा।

एक साथ पांच बच्चों की मौत से मातम, महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल

सत्येंद्र राय ने बताया कि हादसे में उनकी बेटी, भतीजे राजकिशोर की तीन बेटियां और भतीजे मुकेश का बेटा नहीं रहे। एक ही परिवार से पांच बच्चों की मौत ने परिजनों को तोड़कर रख दिया है।

घरों में जहां बच्चों की चहल-पहल रहती थी, वहां अब गहरा सन्नाटा है। ग्रामीणों के मुताबिक, एक साथ पांच अर्थियां उठती देख हर आंख नम हो गई। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।

खालसा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार, गांव में नहीं जले चूल्हे

बुधवार को हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों का अंतिम संस्कार खालसा घाट पर किया गया। एक ही गांव के दो परिवारों में 12 लोगों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।

ग्रामीण इस त्रासदी से उबर नहीं पा रहे हैं। किसी ने अपनी बेटियां खोईं, किसी ने बेटे और किसी ने बहन। रामपुर श्यामचंद में इस हादसे के बाद मातम का ऐसा माहौल है कि गांव के कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।

Instagram

Facebook

Janta Voice Times

Janta Voice Times All India News

Trending

Copyright © 2025 Janta Voice Times. * All Rights Reserved. *