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बिहार-झारखंड

जमुई बैड टच कांड: छात्रा से मिलीं कांग्रेस नेत्री; पिता बोले- बाहर घूमेंगे दरिंदे तो कैसे बचेगी बेटी, फाड़ी गई थी जैकेट

जिले के मड़वा गांव के समीप दसवीं की नाबालिग छात्रा और उसके साथी छात्र के साथ हुई बर्बर बदसलूकी व अमानवीय कृत्य के बाद से पीड़ित परिवार गहरे मानसिक आघात और खौफ के साए में जीने को मजबूर है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी परिवार के सामने अपनी बेटी की सुरक्षा और भविष्य सबसे बड़ी चिंता बनकर उभरा है।

यह बातें बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष कुमारी सोनी ने गुरुवार को पीड़ित परिवार से लंबी मुलाकात के उपरांत पत्रकारों से साझा कीं। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के निर्देश पर जमीनी हकीकत जानने और परिवार को संबल देने महिला कांग्रेस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जमुई पहुंचा था।

कुमारी सोनी ने बताया कि वह करीब दो घंटे तक पीड़ित परिवार के घर पर रहीं। शुरुआत में दहशत का आलम यह था कि परिवार किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने को तैयार नहीं था और दरवाजा तक नहीं खोल रहा था।

बाद में काफी समझाने और परिचय देने के बाद पीड़िता के मामा ने दरवाजा खोला। टीम ने घर के अंदर जाकर परिजनों को ढांढस बंधाया और घटना के बाबत विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बेटी के साथ हुई हैवानियत के बाद से पिता और पूरा परिवार गंभीर मानसिक संताप से गुजर रहा है।

पिता मीडिया के सामने आने से डर रहे, सुरक्षा पर उठे सवाल

कांग्रेस नेत्री के अनुसार, पीड़िता के पिता ने अपना दर्द साझा करते हुए अत्यंत गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पिता का कहना है कि उनकी बेटी के साथ जो अनर्थ हुआ, उसका दर्द तो जीवनभर रहेगा, लेकिन वर्तमान में सबसे बड़ा खौफ यह है कि यदि वे बाहर निकलते हैं और कानून की पेचीदगियों के चलते आरोपित जमानत पर छूटकर बाहर आ जाते हैं, तो उनके परिवार की हिफाजत कैसे होगी। अपराधी प्रवृत्ति के लोग कभी भी उनके परिवार को निशाना बना सकते हैं। इसी डर और सामाजिक लोकलाज के चलते पिता मीडिया के कैमरों के सामने भी आने से कतरा रहे हैं।

वायरल वीडियो और कपड़ों पर मामी ने दी सफाई, जैकेट फाड़ दी थी

कुमारी सोनी ने बताया कि बातचीत के दौरान पीड़िता की मामी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और कपड़ों को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों पर स्थिति स्पष्ट की। मामी ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर पीड़िता के कपड़ों को लेकर तरह-तरह की आपत्तिजनक और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां की जा रही हैं, जो सच्चाई से कोसों दूर हैं।

महिला कांग्रेस का दौरा

  • प्रतिनिधिमंडल प्रमुख: कुमारी सोनी (कार्यकारी अध्यक्ष, बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस)।

  • मुलाकात की अवधि: करीब 2 घंटे तक पीड़ित परिवार के साथ रहकर जानी आपबीती।

  • पीड़ित पिता की चिंता: भविष्य में आरोपितों के जमानत पर बाहर आने पर परिवार की जान-माल की सुरक्षा।

  • वीडियो पर सफाई: छात्रा की जैकेट आरोपितों द्वारा जबरन खींची व फाड़ी गई थी।

  • प्रमुख मांगें: फास्ट ट्रैक कोर्ट में 15 दिनों के अंदर सुनवाई, परिजनों को पुलिस का सुरक्षा घेरा।

परिजनों ने स्पष्ट किया कि छात्रा पूरी मर्यादा में कपड़े पहनकर निकली थी और उसके ऊपर उसने एक जैकेट भी पहन रखी थी। मड़वा पहाड़ के पास मनचलों ने दरिंदगी के दौरान जबरन उसकी जैकेट खींचकर फाड़ दी थी। इसके अलावा मनचलों द्वारा की गई मारपीट और नोच-खसोट के कारण पीड़िता के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मौजूद हैं।

15 दिन में फास्ट ट्रैक सुनवाई और कड़ी सुरक्षा की मांग

पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद महिला कांग्रेस की टीम ने सीधे जमुई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। कुमारी सोनी ने एसपी से मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजा जाए और 15 दिनों के अंदर त्वरित सुनवाई पूरी कर दरिंदों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए।

इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि मामले में चल रही जांच और कार्रवाई की नियमित प्रगति रिपोर्ट पीड़ित माता-पिता को दी जाए, ताकि उनके मन से भय दूर हो सके। कुमारी सोनी ने दो टूक कहा कि इस पूरे प्रकरण में पीड़ित मासूम और उसके परिवार का कोई दोष नहीं है। समाज और प्रशासन दोनों का यह दायित्व है कि वे परिवार को इस मानसिक पीड़ा से बाहर निकालें और उन्हें पूर्ण सुरक्षा का भरोसा दें।

कांग्रेस ने क‍िया प्रदर्शन

जमुई-लखीसराय मार्ग पर नाबालिग छात्र-छात्रा से बदसलूकी और उत्पीड़न के विरोध में मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस भवन से निकला आक्रोश मार्च कचहरी चौक स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा स्थल तक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार गौतम ने कहा कि इस अमानवीय घटना ने समाज को झकझोर दिया है। यह सिर्फ दो बच्चों का नहीं, बल्कि महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा का गंभीर सवाल है। ऐसी घटनाएं प्रशासनिक विफलता को उजागर करती हैं। नेताओं ने निष्पक्ष व समयबद्ध जांच, दोषियों पर पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को पुख्ता सुरक्षा देने की मांग उठाई।

प्रदर्शन में पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, एआईसीसी प्रतिनिधि पुनीत सिंह पारिया, मनप्रीत सिंह, पवन मजीठिया, मु. ताविश, दिवाकर सिंह, सुबोध मंडल, विनय यादव, नवीन सिंह व राकेश पासवान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

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