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पंजाब

मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत बिगड़ी, मोहाली के अस्पताल में भर्ती; मोगा की ‘नशा विरोधी’ रैली में शामिल होने पर संशय

भगवंत मान सरकार की पहल से बदली सड़कों की तस्वीर, हादसों में बड़ी गिरावट, हाईवे अपराधों पर भी कसा शिकंजा

मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत बिगड़ी, मोहाली के अस्पताल में भर्ती; मोगा की ‘नशा विरोधी’ रैली में शामिल होने पर संशय

चंडीगढ़/मोहाली, 16 फरवरी 2026। पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann की तबीयत रविवार शाम अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें मोहाली स्थित Fortis Hospital Mohali में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि मुख्यमंत्री की हालत स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। इस घटनाक्रम के बीच मोगा में आयोजित होने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) की बहुचर्चित ‘नशा विरोधी’ मेगा रैली में उनकी मौजूदगी पर संशय के बादल छा गए हैं।

अचानक बिगड़ी तबीयत, डॉक्टरों की निगरानी में

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री मान हाल के दिनों में लगातार कार्यक्रमों और बैठकों में व्यस्त थे। संगरूर और आसपास के इलाकों में कई जनसभाओं और प्रशासनिक बैठकों में भाग लेने के बाद उन्होंने थकान और अस्वस्थता महसूस की। एहतियातन उन्हें तुरंत मोहाली लाया गया, जहां चिकित्सकों की एक टीम ने उनकी विस्तृत जांच की।

अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी संक्षिप्त बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री के सभी जरूरी पैरामीटर सामान्य हैं, लेकिन अत्यधिक थकान और हल्की अस्वस्थता के कारण उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ समय आराम करने की सलाह दी है। हालांकि आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन में किसी गंभीर बीमारी की पुष्टि नहीं की गई है।

मुख्यमंत्री की तबीयत खराब होने की खबर ऐसे समय आई है जब 16 फरवरी को मोगा में आम आदमी पार्टी की एक बड़ी ‘नशा विरोधी’ रैली प्रस्तावित है। इस रैली को पार्टी की ‘युद्ध नशेयान विरुद्ध’ मुहिम का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर सरकार लगातार सख्त रुख अपनाने का दावा करती रही है और यह रैली उसी अभियान को गति देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।

पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई गई थी। अब मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति की स्थिति में रैली का नेतृत्व वरिष्ठ पार्टी नेता और पंजाब सरकार के मंत्री Harpal Cheema सहित अन्य पदाधिकारी कर सकते हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अंतिम निर्णय की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।


राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज

मुख्यमंत्री के अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों ने जहां उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है, वहीं कुछ नेताओं ने सरकार की कार्यशैली और अत्यधिक व्यस्त कार्यक्रमों पर सवाल भी उठाए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री की सेहत का असर प्रशासनिक कार्यों और राजनीतिक कार्यक्रमों की गति पर पड़ सकता है।

हालांकि आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि सरकार पूरी तरह सक्रिय है और प्रशासनिक कामकाज में कोई बाधा नहीं आएगी। पार्टी प्रवक्ताओं के अनुसार मुख्यमंत्री जल्द ही स्वस्थ होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।


समर्थकों में चिंता, सोशल मीडिया पर दुआओं का दौर

मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने सहज और जमीनी स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर समर्थकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। कई लोगों ने लिखा कि मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए लगातार मेहनत की है और उन्हें अब कुछ समय आराम की जरूरत है।

मोहाली के अस्पताल के बाहर भी कुछ समर्थक हालचाल जानने पहुंचे। हालांकि सुरक्षा कारणों से अस्पताल परिसर में आम लोगों की आवाजाही सीमित रखी गई।


आगे क्या?

डॉक्टरों की सलाह के आधार पर ही यह तय होगा कि मुख्यमंत्री मोगा रैली में शामिल हो पाएंगे या नहीं। यदि वे स्वास्थ्य कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाते हैं तो पार्टी नेतृत्व उनके संदेश को मंच से पढ़ सकता है। राजनीतिक दृष्टि से यह रैली महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि नशा पंजाब की राजनीति का एक बड़ा मुद्दा रहा है।

फिलहाल मुख्यमंत्री की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। राज्य की जनता की नजरें अब उनके स्वास्थ्य अपडेट और मोगा रैली के अंतिम स्वरूप पर टिकी हैं।

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