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राष्ट्रपति से सम्मान और अब सऊदी अरब में सेवा! हज 2027 की मेडिकल टीम से जुड़ीं बिहार की नाजिया

 स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में समर्पण, संवेदनशीलता और उत्कृष्ट कार्यशैली के दम पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली सदर अस्पताल अररिया की ए-ग्रेड नर्स नाजिया परवीन अब अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। भारत सरकार द्वारा हज 2027 के लिए गठित आधिकारिक मेडिकल टीम में उनका चयन किया गया है।

वे सऊदी अरब में रहकर भारत से जाने वाले लाखों आजमीने हज (हज यात्रियों) को चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। ब‍िहार के सीमांचल क्षेत्र से इस प्रतिष्ठित मेडिकल विंग में चयनित होने वाली नाजिया की इस उपलब्धि पर पूरे जिले और स्वास्थ्य महकमे में हर्ष का माहौल है।

नर्सिंग के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान के लिए नाजिया परवीन को वर्ष 2022 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा देश के सर्वोच्च नर्सिंग सम्मान ‘राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटेंगिल अवार्ड’ से नवाजा जा चुका है।

Nazia Parveen News

नाजिया परवीन: परिचय और उपलब्धियां

  • वर्तमान पद: ए-ग्रेड नर्स सह एमओटी (MOT) इंचार्ज, सदर अस्पताल, अररिया।

  • मूल निवास: सुलतानगंज, भागलपुर (पिता- स्व. गुलाम हैदर)।

  • ससुराल: गया (पति- डॉ. शम्स आलम, माइक्रोबायोलॉजिस्ट)।

  • बड़ा सम्मान: वर्ष 2022 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा ‘राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटेंगिल अवार्ड’।

  • ताजा उपलब्धि: हज 2027 के लिए भारत सरकार (अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय/स्वास्थ्य मंत्रालय) की मेडिकल टीम में चयन।

  • करियर सफर: 2010 में नर्सिंग ट्रेनिंग, दिल्ली के अस्पतालों में 5 साल सेवा, 2016 से अररिया सदर अस्पताल में कार्यरत।

अपनी इस नई जिम्मेदारी पर नाजिया परवीन ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सऊदी अरब में हज यात्रियों की देखभाल के लिए भारत सरकार की मेडिकल टीम में चुना जाना उनके लिए गर्व का पल है।

उन्होंने भावुक होकर कहा- “हज यात्रियों का उपचार और देखभाल करना मेरे लिए केवल चिकित्सकीय ड्यूटी नहीं, बल्कि सेवा, सवाब और सम्मान तीनों का एक अनूठा अवसर है।”

Bihar Nazia Parveen Joins India Hajj 2027 Medical Team (1)

सदर अस्पताल में एमओटी इंचार्ज

नाजिया परवीन वर्तमान में अररिया सदर अस्पताल में मेजर ऑपरेशन थिएटर (एमओटी) इंचार्ज के रूप में अहम दायित्व संभाल रही हैं। अस्पताल में आधुनिक प्रसूति कक्ष (लेबर रूम) की स्थापना और राज्य स्वास्थ्य समिति के मानकों के अनुरूप उसके सफल संचालन में उनकी प्रमुख भूमिका रही है

इसके अलावा वे कुशल जन्म परिचारक (एसबीए), कोरोना महामारी नियंत्रण प्रबंधन, कोविड-गर्भावस्था नर्स परामर्श, सिमुलेशन स्किल और नवजात शिशु देखभाल पुनर्जीवन जैसे जटिल तकनीकी प्रशिक्षणों में उच्च दक्षता हासिल कर चुकी हैं।

प्रसूति व आपात सेवाओं में रहा बड़ा योगदान

राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जिला एवं प्रखंड स्तर पर की गई योग्यता आधारित मेरिट रेटिंग में सर्वोच्च अंक हासिल करने के बाद ही उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था।

वर्ष 2010 में नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने देश की राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित अस्पतालों में करीब पांच वर्षों तक सेवाएं दीं। इसके बाद वर्ष 2016 में उनकी नियमित नियुक्ति अररिया सदर अस्पताल में हुई, जहां वे बीते एक दशक से निरंतर अपनी सेवाएं दे रही हैं।

भागलपुर के छोटे व्यापारी की बेटी

नाजिया परवीन की यह सफलता नारी सशक्तीकरण और बेटियों के हौसले की एक अनुपम मिसाल है। वे मूल रूप से भागलपुर जिले के अजगैवीनाथ धाम (सुल्‍तानगंज) की रहने वाली हैं। उनके पिता स्व. गुलाम हैदर एक छोटे व्यवसायी थे, जिनका लगभग तीन वर्ष पूर्व इंतकाल हो गया।

परिवार में कोई बेटा नहीं था, केवल तीन बेटियां थीं। पिता ने सीमित संसाधनों के बावजूद बेटियों की तालीम में कोई कसर नहीं छोड़ी। तीनों बहनों ने उच्च शिक्षा हासिल की और आज अलग-अलग क्षेत्रों में मुल्क की खिदमत कर रही हैं।

ऐसे होता है हज मेडिकल टीम का चयन और कार्यप्रणाली

  • चयन प्रक्रिया: भारत सरकार के संबंधित मंत्रालय (अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय एवं स्वास्थ्य मंत्रालय) द्वारा देशभर से अनुभवी डॉक्टरों, स्पेशलिस्ट नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं।

  • मानक: कठिन भौगोलिक व मौसमी परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, आपातकालीन प्रबंधन, प्रसूति व आईसीयू अनुभव को प्राथमिकता दी जाती है।

  • विशिष्ट प्रशिक्षण: चयन के उपरांत स्वास्थ्यकर्मियों को मक्का-मदीना के भीषण तापमान में होने वाले हीट स्ट्रोक, डीहाइड्रेशन, सांस के संक्रमण और बुजुर्ग यात्रियों की पुरानी बीमारियों (डायबिटीज, बीपी) के त्वरित उपचार का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।

  • तैनाती: चयनित कर्मियों को सऊदी अरब स्थित भारतीय मुख्य अस्पतालों, मक्का-मदीना के ब्रांच क्लीनिकों और हरम शरीफ के समीप बने अस्थाई कैंप डिस्पेंसरी में शिफ्टवार तैनात किया जाता है।

Bihar Nazia Parveen Joins India Hajj 2027 Medical Team (3)

रूढ़ियों को तोड़ बनीं मिसाल

नाजिया का विवाह ब‍िहार के गया जी निवासी प्रसिद्ध माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. शम्स आलम से हुआ है, जो उनके इस सेवा भाव में निरंतर संबल बने हुए हैं। नाजिया का स्पष्ट संदेश है कि नर्सिंग केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे पवित्र मंच है।

समाज को नर्सिंग पेशे के प्रति अपनी संकीर्ण सोच बदलनी चाहिए, क्योंकि इसमें उच्च विशेषज्ञता और वैश्विक स्तर पर करियर संवारने की असीम संभावनाएं मौजूद हैं।

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