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उत्तर प्रदेश

2026 उत्तर प्रदेश के तकनीकी विकास के लिए निर्णायक वर्ष होगा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

2026 उत्तर प्रदेश के तकनीकी विकास के लिए निर्णायक वर्ष होगा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि 2026 राज्य के तकनीकी विकास के लिए एक निर्णायक वर्ष साबित होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इकोनॉमी के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हिंदी में साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि वर्ष 2025 नवाचार, डेटा और भविष्य-उन्मुख विकास के नए मानक स्थापित करने वाला वर्ष के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक फ्यूचर-रेडी निवेश केंद्र बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निवेश तभी फलता-फूलता है, जब राज्य और समाज सुरक्षित हों। मजबूत कानून-व्यवस्था और प्रभावी शासन व्यवस्था ने “ब्रांड यूपी” को वैश्विक स्तर पर मजबूती दी है और राज्य को निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बनाया है।

उन्होंने बताया कि लखनऊ और नोएडा में एआई सिटी विकसित करने की तैयारियां चल रही हैं, जबकि जेवर में 3,700 करोड़ रुपये की लागत से सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की डेटा सेंटर नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिसके तहत स्वदेशी और सुरक्षित डेटा पर विशेष ध्यान दिया गया है। वर्तमान में प्रदेश में पांच हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क व्यावसायिक रूप से संचालित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने डेटा सेंटर सेक्टर में 30,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा प्रदेश के नौ शहरों में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ड्रोन तकनीक, रोबोटिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि ‘एआई प्रज्ञा’ पहल के तहत अब तक 10 लाख से अधिक नागरिकों को एआई में प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिससे हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से 2026 के लिए संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने आसपास के कम से कम पांच बच्चों को कंप्यूटर और एआई के प्रति जागरूक करें और हर सप्ताह एक घंटे का ‘ज्ञान-दान’ करें।

उन्होंने कहा कि सरकार और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से न केवल विकसित उत्तर प्रदेश का सपना साकार होगा, बल्कि राज्य को विज्ञान और प्रौद्योगिकी का वैश्विक केंद्र बनाने में भी सफलता मिलेगी।

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