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पूर्व मध्य रेल की कमाई में जबरदस्त बढ़ोतरी, पहली तिमाही में करीब 8000 करोड़ रुपये की आय

पूर्व मध्य रेल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए यात्री यातायात, माल ढुलाई और अन्य स्रोतों से लगभग 8000 करोड़ रुपये की प्रारंभिक आय अर्जित की है।

इस दौरान यात्री आय, टिकट जांच, पार्किंग और नॉन-फेयर रेवेन्यू सहित लगभग सभी प्रमुख मदों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। सीपीआरओ सरस्वती चन्द्र के अनुसार, अप्रैल से जून के बीच 6 करोड़ 65 लाख यात्रियों ने पूर्व मध्य रेल के क्षेत्राधिकार से यात्रा शुरू की।

इस अवधि में यात्री यातायात से 1438 करोड़ रुपये की आय हुई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 14.44 प्रतिशत अधिक है। इसमें पीआरएस (आरक्षित टिकट) से 924 करोड़ रुपये और नॉन-पीआरएस (अनारक्षित टिकट) से 514 करोड़ रुपये की आय हुई।

रेलवे स्टेशन से अलग कमाई भी बढ़ी

नॉन-पीआरएस आय में 20.37 प्रतिशत तथा पीआरएस आय में 11.39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रेलवे की अन्य आय के स्रोतों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। पार्किंग शुल्क से आय 86.41 प्रतिशत बढ़कर 12.62 करोड़ रुपये हो गई। वहीं नॉन-फेयर रेवेन्यू 26.28 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5.09 करोड़ रुपये से बढ़कर 6.55 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कैटरिंग से आय भी 5.08 प्रतिशत बढ़कर 8.68 करोड़ रुपये रही। टिकट जांच अभियान के मोर्चे पर भी पूर्व मध्य रेल का प्रदर्शन बेहतर रहा। पहली तिमाही में 10.50 लाख टिकट जांच मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 9.87 लाख मामलों की तुलना में 6.35 प्रतिशत अधिक हैं।

इन मामलों से 73 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15.11 प्रतिशत अधिक है। रेल अधिकारियों के अनुसार, नियमित टिकट जांच अभियान, यात्रियों की बढ़ती संख्या और राजस्व बढ़ाने के लिए किए गए विभिन्न उपायों का सकारात्मक परिणाम पहली तिमाही के आंकड़ों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

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