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उत्तर प्रदेश

यूपी में कृषि को नई दिशा: योगी सरकार की नई “सीड पॉलिसी”, 5 सीड पार्कों का प्रस्ताव

यूपी में कृषि को नई दिशा: योगी सरकार की नई “सीड पॉलिसी”, 5 सीड पार्कों का प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कृषि व्यवस्था को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। योगी सरकार ने नई “सीड पॉलिसी” (बीज नीति) लागू करने और प्रदेश में 5 अत्याधुनिक सीड पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस पहल को किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में सुधार और गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को मजबूत किए बिना राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है। इसी सोच के तहत सरकार बीज उत्पादन और वितरण प्रणाली को वैज्ञानिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दे रही है।


आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बीजों पर फोकस

नई बीज नीति का मुख्य उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले, प्रमाणित और भरोसेमंद बीज उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेहतर बीज ही अधिक उत्पादन और बेहतर आय की बुनियाद होते हैं।

इस नीति के तहत फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए उन्नत किस्मों के बीजों के विकास, परीक्षण और बड़े स्तर पर उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे किसानों को मौसम और जलवायु के अनुसार उपयुक्त बीज मिल सकेंगे।


5 सीड पार्क: बीज उत्पादन का नया केंद्र

योगी सरकार द्वारा प्रस्तावित 5 सीड पार्क प्रदेश के विभिन्न कृषि क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे। इन सीड पार्कों में बीज उत्पादन, प्रोसेसिंग, भंडारण और पैकेजिंग की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

सरकार का मानना है कि सीड पार्कों के जरिए निजी क्षेत्र, स्टार्ट-अप्स और कृषि उद्यमियों की भागीदारी बढ़ेगी। इससे प्रदेश में बीज उद्योग को नई मजबूती मिलेगी और किसानों को स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सकेंगे।


सर्टिफिकेशन और ट्रेसबिलिटी पर विशेष जोर

नई सीड पॉलिसी में बीज सर्टिफिकेशन और ट्रेसबिलिटी सिस्टम को खास महत्व दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों तक पहुंचने वाले बीज पूरी तरह प्रमाणित और गुणवत्ता मानकों पर खरे हों।

ट्रेसबिलिटी व्यवस्था के तहत यह पता लगाया जा सकेगा कि बीज कहां से आया है, किस तकनीक से तैयार हुआ है और उसकी गुणवत्ता क्या है। इससे नकली और घटिया बीजों पर प्रभावी रोक लगेगी।


तकनीकी अनुसंधान और कृषि विश्वविद्यालयों का सहयोग

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नई बीज नीति में तकनीकी अनुसंधान और नवाचार को केंद्र में रखा गया है। इसके लिए कृषि विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।

नई फसल किस्मों के विकास, जलवायु अनुकूल बीजों और रोग-प्रतिरोधी बीजों पर अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि किसान बदलते मौसम की चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकें।


मिशन मोड में होगा क्रियान्वयन

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी योजना 2026-27 से 2030-31 तक मिशन मोड में लागू की जाएगी। तय समयसीमा में लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अलग-अलग चरणों में कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि इस अवधि के भीतर उत्तर प्रदेश को बीज उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाया जाए।


किसानों और विशेषज्ञों में सकारात्मक प्रतिक्रिया

योगी सरकार की इस पहल को लेकर किसानों और कृषि विशेषज्ञों में उत्साह देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नीति प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

किसानों का कहना है कि यदि उन्हें प्रमाणित और अच्छी गुणवत्ता वाले बीज समय पर मिलें, तो खेती अधिक लाभकारी बन सकती है।


निष्कर्ष

कुल मिलाकर, योगी सरकार की नई सीड पॉलिसी और 5 सीड पार्कों की योजना उत्तर प्रदेश की कृषि को आधुनिक, मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। इससे बीज उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण और किसानों की आय—तीनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश और देश की ऐसी ही ताज़ा, भरोसेमंद और विस्तृत कृषि व सरकारी नीतियों की खबरों के लिए पढ़ते रहें
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