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उत्तर प्रदेश

बोर्ड परीक्षा से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का छात्रों के नाम विशेष संदेश, सुरक्षा-स्वास्थ्य और अनुशासन पर दिया ज़ोर

बोर्ड परीक्षा से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का छात्रों के नाम विशेष संदेश, सुरक्षा-स्वास्थ्य और अनुशासन पर दिया ज़ोर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक संदेश जारी किया है। परीक्षा के दबाव और बढ़ते प्रतिस्पर्धी माहौल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे केवल अंकों की दौड़ में न फँसें, बल्कि संतुलित तैयारी, मानसिक स्वास्थ्य और अनुशासन को अपनी प्राथमिकता बनाएं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से कहा कि बोर्ड परीक्षाएं जीवन का एक अहम पड़ाव जरूर हैं, लेकिन यही जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं हैं। उन्होंने छात्रों को आत्मविश्वास बनाए रखने, संयम से पढ़ाई करने और किसी भी तरह के जोखिमपूर्ण व्यवहार से दूर रहने की सलाह दी।

“सुरक्षा और अनुशासन सर्वोपरि”

मुख्यमंत्री के संदेश का मुख्य केंद्र सुरक्षा, स्वास्थ्य और अनुशासन रहा। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी तरह की लापरवाही उनके भविष्य को प्रभावित कर सकती है। मुख्यमंत्री ने खासतौर पर पतंगबाज़ी में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक मांझे, तेज़ वाहन चलाने, और अनावश्यक तनाव से दूर रहने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों का सुरक्षित रहना भी उतना ही जरूरी है। किसी भी तरह का असंतुलित व्यवहार या जोखिम उठाना परीक्षा की तैयारी को नुकसान पहुँचा सकता है।

अत्यधिक अंकों के दबाव से बचने की सलाह

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों और अभिभावकों दोनों से अपील की कि वे केवल अधिक अंक लाने के दबाव में बच्चों को मानसिक तनाव न दें। उन्होंने कहा कि हर छात्र की क्षमता अलग-अलग होती है और परीक्षा का उद्देश्य केवल अंकों का आंकलन करना नहीं, बल्कि ज्ञान और समझ को परखना होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “अंकों से व्यक्ति की काबिलियत तय नहीं होती। आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी हैं।”

मोबाइल फोन के सीमित उपयोग पर ज़ोर

अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग को लेकर भी छात्रों को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा के समय मोबाइल फोन का सीमित और आवश्यक उपयोग ही किया जाना चाहिए।

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और अनावश्यक स्क्रीन टाइम से दूरी बनाएं और अपना ध्यान पढ़ाई, पुनरावृत्ति और मानसिक संतुलन बनाए रखने पर केंद्रित रखें।

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि परीक्षा का तनाव स्वाभाविक है, लेकिन उसे अपने ऊपर हावी न होने दें। यदि किसी छात्र को घबराहट, तनाव या डर महसूस हो रहा है तो उसे अपने माता-पिता, शिक्षकों या परामर्शदाताओं से खुलकर बात करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच, पर्याप्त नींद और संतुलित दिनचर्या से परीक्षा के तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

अभिभावकों और शिक्षकों से भी की अपील

मुख्यमंत्री ने केवल छात्रों ही नहीं, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों से भी महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उन्हें सहयोग, विश्वास और प्रोत्साहन देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षक छात्रों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें जीवन मूल्यों, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का भी पाठ पढ़ाएं।

परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन बनाए रखने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि परीक्षा की पवित्रता और निष्पक्षता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने छात्रों से कहा कि वे किसी भी तरह के अनुचित साधनों से दूर रहें और अपनी मेहनत व ईमानदारी पर भरोसा रखें।

सरकार की तैयारी और व्यवस्थाएं

मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी और सुविधाओं को लेकर सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

सरकार का उद्देश्य है कि छात्रों को परीक्षा देने के लिए तनावमुक्त और सुरक्षित वातावरण मिले।

छात्रों के लिए प्रेरणादायक संदेश

अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और अनुशासन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि असफलता से डरने की बजाय उससे सीखने की कोशिश करें, क्योंकि हर अनुभव जीवन को मजबूत बनाता है।

निष्कर्ष

बोर्ड परीक्षाओं से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश छात्रों के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणादायक माना जा रहा है। सुरक्षा, स्वास्थ्य, अनुशासन और मानसिक संतुलन पर दिया गया यह ज़ोर बताता है कि सरकार केवल परीक्षा परिणाम ही नहीं, बल्कि छात्रों के समग्र विकास को लेकर भी गंभीर है।

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