शिक्षा की अनदेखी पर बरसे सीएम मान, बोले – “नई रफ्तार से आगे बढ़ रहा है पंजाब”
चंडीगढ़, 25 फरवरी — पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज अपने संबोधन में पूर्ववर्ती अकाली दल और कांग्रेस सरकारों पर शिक्षा क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों तक राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय केवल घोषणाएं की गईं, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित सुधार नहीं हुए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सरकार “प्रगति का नया इंजन” बनकर पंजाब को विकास की पटरी पर तेज गति से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता देना ही राज्य के भविष्य को सुरक्षित करने का सबसे मजबूत आधार है।
“घोषणाओं से नहीं, काम से बदलता है सिस्टम”
सीएम मान ने कहा कि लंबे समय तक सरकारी स्कूलों और तकनीकी संस्थानों की हालत संतोषजनक नहीं रही। कई जगह बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, शिक्षकों की भर्ती लंबित थी और युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के अवसर सीमित थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने शिक्षा को उतनी प्राथमिकता नहीं दी, जितनी देनी चाहिए थी। इसका परिणाम यह हुआ कि कई छात्र बेहतर अवसरों की तलाश में दूसरे राज्यों या विदेशों की ओर रुख करने लगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “सिर्फ भाषण देने से बदलाव नहीं आता। बदलाव तब आता है जब नीतियां जमीन पर उतरती हैं और लोगों को उसका लाभ मिलता है।”
शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर
सीएम मान ने कहा कि मौजूदा सरकार का फोकस शिक्षा ढांचे को मजबूत करने, स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने पर है।
उन्होंने बताया कि राज्य में नए स्कूल भवन, स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाएं और तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही, युवाओं को इलेक्ट्रिक व्हीकल, रोबोटिक्स, आईटी और अन्य उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और पंजाब के युवाओं को भी उसी गति से आगे बढ़ना होगा। इसलिए शिक्षा प्रणाली को समय के अनुरूप बनाना आवश्यक है।
“नई सोच, नई दिशा”
सीएम मान ने अपनी सरकार को “नई सोच और नई दिशा” वाली सरकार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि युवाओं को ऐसा कौशल देना है जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिलना चाहिए। राज्य सरकार का प्रयास है कि हर जिले में शिक्षा और प्रशिक्षण की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज सरकार की योजनाओं की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें पहले अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वर्षों तक शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को नजरअंदाज किया गया।
हालांकि, विपक्ष ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि शिक्षा क्षेत्र में पहले भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे।
युवाओं को संदेश
अपने संबोधन के अंत में सीएम मान ने युवाओं से अपील की कि वे मेहनत और लगन से पढ़ाई करें और राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन सफलता युवाओं की मेहनत पर निर्भर करेगी।
मुख्यमंत्री के इस बयान ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर शिक्षा और विकास को मुख्य मुद्दा बना दिया है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार की योजनाएं किस तरह जमीनी स्तर पर लागू होती हैं और युवाओं को कितना लाभ पहुंचता है।