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हिमाचल प्रदेश

हिमाचल बनाम पंजाब: वेतन-पेंशन को लेकर सियासत तेज, सीएम सुखविंदर सिंह सुखू का पंजाब सरकार पर निशाना


Sukhvinder Singh Sukhu ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर गलत बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन को लेकर किसी भी प्रकार की समस्या नहीं है और राज्य सरकार समय पर सभी भुगतान कर रही है।
हाल ही में Harpal Singh Cheema द्वारा पंजाब विधानसभा में दिए गए बयान का जिक्र करते हुए सीएम सुखू ने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि हिमाचल प्रदेश के पास कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने के लिए पैसा नहीं है। उन्होंने कहा कि वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट है और हिमाचल की वित्तीय स्थिति कई मामलों में पंजाब से बेहतर है।
सीएम सुखू ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को हर महीने समय पर वेतन मिल रहा है, जबकि पेंशनर्स को भी नियमित रूप से पेंशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों का संतुलित प्रबंधन कर रही है, जिससे किसी भी कर्मचारी या पेंशनभोगी को परेशानी नहीं हो रही है।
उन्होंने पंजाब सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो नेता दूसरे राज्यों की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले अपने राज्य की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। सीएम सुखू ने कहा कि पंजाब में कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सरकार को गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
सीएम सुखू ने इस दौरान आम आदमी पार्टी के चुनावी वादों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि Aam Aadmi Party ने विधानसभा चुनाव के दौरान कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने का वादा किया था। लेकिन अब चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं और अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय किए गए वादों को निभाना किसी भी सरकार की जिम्मेदारी होती है। अगर कर्मचारियों से वादा किया गया था कि उन्हें OPS का लाभ दिया जाएगा, तो सरकार को उसे लागू करना चाहिए। कर्मचारियों की उम्मीदें सरकार से जुड़ी होती हैं और उन्हें निराश नहीं किया जाना चाहिए।
सीएम सुखू ने कहा कि उनकी सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश में वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
अंत में उन्होंने पंजाब के नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि दूसरे राज्यों पर टिप्पणी करने से बेहतर है कि वे अपने राज्य की आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियों पर ध्यान दें। उन्होंने दोहराया कि हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों और पेंशनर्स को लेकर किसी प्रकार का संकट नहीं है और सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभा रही है।
इस बयान के बाद हिमाचल और पंजाब की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और भी तेज होने की संभावना है।

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