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मध्य प्रदेश

ग्रामीण सड़कों के विकास में आधुनिक तकनीक का होगा व्यापक उपयोग: CM डॉ. मोहन यादव

ग्रामीण सड़कों के विकास में आधुनिक तकनीक का होगा व्यापक उपयोग: CM डॉ. मोहन यादव

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “सुगम संपर्कता परियोजना” के अंतर्गत बनने वाली सड़कों में आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ और समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य ग्रामीण अंचलों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना है, जिससे गांवों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार आए। इस परियोजना के तहत 100 से अधिक आबादी वाले मजरों-टोलों और सांदीपनि स्कूलों तक सड़क संपर्क स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।

बैठक में यह भी बताया गया कि अब प्रत्येक जनपद पंचायत में ₹3 करोड़ तक के विकास कार्यों को मंजूरी दी जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्यों में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।

सड़कों के निर्माण के लिए “वीबी-जी-राम-जी (VB-G-RAM-G)” योजना को प्रमुख माध्यम बनाया गया है। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण सड़कों के निर्माण और उन्नयन का कार्य बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि निर्धारित लक्ष्य 33,655 सड़कों में से अब तक 17,437 सड़कों की जियो-इंवेंट्री का कार्य पूरा किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष कार्य को भी निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जियो-इंवेंट्री के माध्यम से सड़कों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में रखरखाव और निगरानी में सुविधा होगी। उन्होंने अधिकारियों को तकनीकी नवाचारों को अपनाने और कार्यों में डिजिटल मॉनिटरिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पिछले माह शुरू किए गए “जल गंगा संवर्धन अभियान” की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस अभियान को जन-आंदोलन के रूप में विकसित किया जाए और इसमें अधिक से अधिक जन-भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान की साप्ताहिक समीक्षा की जाए, ताकि जल संरक्षण से जुड़े कार्य प्रभावी तरीके से आगे बढ़ सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण और ग्रामीण संपर्कता दोनों ही राज्य के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इन योजनाओं को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ लागू करें, ताकि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति और तेज हो सके।

इस बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि मध्यप्रदेश सरकार ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हुए सड़क, जल और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में व्यापक सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।

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