दिल्ली
दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, समय पर और कानूनी उपायों से राजधानी में बड़ी सार्वजनिक व्यवस्था की स्थिति टल गई
दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पुलिस द्वारा समय पर, आनुपातिक और वैध उपायों से राष्ट्रीय राजधानी में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था की एक बड़ी स्थिति को रोकने में मदद मिली।
अवमानना के एक मामले में शीर्ष अदालत से बिना शर्त माफी मांगने वाले पुलिस आयुक्त ने कहा कि 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा विरोध प्रदर्शन का आह्वान करने के बाद किए गए एहतियाती उपाय खुफिया जानकारी और मौजूदा और लगातार बदलती जमीनी स्थिति के आकलन पर आधारित थे।
शीर्ष अदालत में दायर एक हलफनामे में, कुमार ने पुलिस प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख किया, जिसमें दिल्ली में मेट्रो रेल सेवाओं का विनियमन भी शामिल है।
उन्होंने कहा, ”ये कदम शांति बनाए रखने और राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए किए गए थे।
आयुक्त ने कहा कि पुलिस द्वारा किए गए प्रयासों और कार्रवाई को इस तथ्य के संदर्भ में देखा जाना चाहिए कि दिल्ली देश की राजधानी है और हर राष्ट्रीय राजधानी की अपनी संवेदनशीलता है।
हलफनामे में कहा गया है, ‘कोई भी पुलिस प्रशासन राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक व्यवस्था के उल्लंघन की अनुमति नहीं दे सकता है, खासकर जब भीड़ की हिंसा, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कई लोगों के घायल होने की घटनाओं और उसके बाद 6, 7 और 8 अक्टूबर को हुई घटनाओं का कोई संगठन आह्वान करता है.’
इसमें कहा गया है, ”पुलिस प्रशासन के वास्तविक प्रयासों के बावजूद, उसके द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में गलत कहानी प्रचारित करने की कोशिश की जा रही है।
यह हलफनामा 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाने के शीर्ष अदालत के निर्देश के कथित उल्लंघन को लेकर अवमानना के एक मामले में दायर किया गया था।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ गुरुवार को मामले की सुनवाई करेगी।
शीर्ष अदालत ने 11 अक्टूबर को कहा था कि प्रदर्शन के कारण दिल्ली में मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं सुनिश्चित करने के शीर्ष अदालत के निर्देश के उल्लंघन का आरोप लगाने वाले याचिकाकर्ताओं ने प्रथम दृष्टया मामला बनाया है।
पीठ ने कुमार, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के अध्यक्ष डी थारा को नोटिस जारी किया था।
सीजेपी ने कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था।
-
देश10 months ago‘न्याय के साथ विकास’ से ‘Ease of Living’ तक: बिहार को विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में लाने का संकल्प – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
-
देश9 months ago2027 चुनाव से पहले पंजाब सीएम भगवंत मान का बड़ा राजनीतिक दांव
-
विदेश10 months agoफर्जी डिग्री रैकेट पर ऑस्ट्रेलिया में हंगामा, भारतीय कार्रवाई का हवाला देकर सीनेटर मैल्कम रॉबर्ट्स ने छात्र वीज़ा सिस्टम पर उठाए सवाल
-
उत्तर प्रदेश10 months agoपूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की जेल में बिगड़ी तबीयत, देवरिया से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर
-
बिहार-झारखंड10 months agoखाद कालाबाजारी पर बिहार सरकार का सख्त एक्शन, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू: कृषि मंत्री
-
देश9 months agoराष्ट्रपति द्रौपादी मुर्मु का अमृतसर साहिब में भव्य स्वागत, CM भगवंत मान ने सिख मर्यादा व संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश
-
पंजाब9 months agoमीडिया पर दबाव के आरोप, पंजाब की राजनीति में बढ़ा विवाद
-
दिल्ली9 months agoपंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज अमित शाह से करेंगे मुलाकात, अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

