Connect with us

राज्य

मुजफ्फरपुर में पहले केवी के लिए दी पांच एकड़ जमीन, फिर निर्माण रोकने पहुंचे कोर्ट, गोशाला सचिव पर जुर्माना

गोशाला की जमीन पर केंद्रीय विद्यालय के निर्माण को लेकर पहले एनओसी देने और बाद में हाईकोर्ट में इसके खिलाफ ही याचिका दायर करना सचिव कृष्ण कुमार डारोलिया को भारी पड़ गया है। पटना हाईकोर्ट ने याचिका को गलत मंशा और गलत मानते हुए खारिज कर दिया। साथ ही गोशाला का आडिट करने का आदेश दिया है। साथ ही इस तरह याचिका दायर करने पर एक हजार का जुर्माना भी लगाया है।

दबाव में एनओसी पर किया दस्तखत

विदित हो कि इस वर्ष मुजफ्फरपुर गोशाला समिति ने 30 जून को बैठक कर पांच एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव पास किया था। तत्कालीन एसडीओ पूर्वी एवं अध्यक्ष तुषार कुमार, सचिव कृष्ण कुमार डारोलिया और उपाध्यक्ष विनोद केजरीवाल ने संयुक्त प्रस्ताव में विद्यालय की स्थापना बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए मानते हुए 14.61 एकड़ में से पांच एकड़ जमीन पर केंद्रीय विद्यालय के लिए एनओसी दे दी।

इसके बाद राज्य कैबिनेट ने आठ जुलाई को राधानगर गोशाला की पांच एकड़ जमीन को केंद्रीय विद्यालय के लिए 30 वर्षों के लिए देने को मंजूरी दे दी।इस निर्णय के खिलाफ कृष्ण कुमार डारोलिया ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। इसमें कहा कि दबाव में एनओसी पर दस्तखत किया।

साथ ही दलील दी कि बेसहारा पशुओं की सुरक्षा, संरक्षण, चारा और आश्रय के लिए गोशाला की जमीन का उपयोग किया जाता है। स्कूल के निर्माण से पशुओं के चारा के लिए जगह कम हो जाएगी। इसे देखते हुए केंद्रीय विद्यालय के लिए आवंटित जमीन के निर्णय को रद किया जाए। इसमें बिहार सरकार से लेकर डीएम समेत गोशाला के अध्यक्ष को भी परिवादी बना दिया गया।

बिना अधिकार दायर की याचिका

हाईकोर्ट में सरकार की ओर से कहा गया कि सचिव को इस तरह से याचिका दायर करने का अधिकार गोशाला समिति की ओर से नहीं है। वहीं गोशाला में वर्तमान में कितने पशु या गाय हैं, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। गोशाला की आर्थिक स्थिति भी स्पष्ट नहीं की गई।

गोशाला की जमीन का क्षेत्र पशुओं के लिए काफी है। वहीं यहां स्कूल खुलने से बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा। हाईकोर्ट ने सरकार की दलील को सही मानते हुए याचिका को खारिज कर दिया। इसके साथ ही गोशाला की संपत्ति या गायों की संख्या की सही जानकारी नहीं देने को लेकर इसके आडिट करने का आदेश दिया।

हाईकोर्ट ने कहा कि यह सही समय है कि गोशाला की संपत्ति का आडिट हो। इसके लिए समिति के अध्यक्ष एवं एसडीओ पूर्वी को आदेश दिया। एक माह में इसकी रिपोर्ट देने को कहा गया है। वहीं अधिकृत नहीं होने के बाद भी गोशाला की ओर से याचिका दायर करने पर हाईकोर्ट ने कड़ा रूख अपनाते हुए जुर्माना भी लगाया।

एसीडीओ पूर्वी और मुशहरी सीओ कराएंगे आदेश का अनुपालन

पटना हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन को लेकर अपर समाहर्ता कुमार प्रशांत ने एसडीओ पूर्वी और मुशहरी सीओ को पत्र लिखा है। याचिका के अनुरूप तथ्य विवरणी तैयार कराकर समाहर्ता को भेजने के लिए कहा है।

Instagram

Facebook

Janta Voice Times

Janta Voice Times All India News

Trending

Copyright © 2025 Janta Voice Times. * All Rights Reserved. *