उत्तर प्रदेश
Survey: यूपी में आज हो जाएं चुनाव किसको मिले सकती हैं कितनी सीट, कौन जाति किसके साथ?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर Matrize के ताजा सर्वे में NDA को बढ़त मिलने का अनुमान जताया गया है. सर्वे के मुताबिक 403 सीटों वाले यूपी में NDA को 245 से 265 सीटें मिल सकती हैं, जबकि INDIA गठबंधन के खाते में 135 से 155 सीटें आने का अनुमान है. न्यूज तक के खास शो ‘साप्ताहिक सभा’ में Matrize के फाउंडर मनोज सिंह ने सीटों के अनुमान, वोट शेयर और जातीय समीकरणों पर चर्चा की.
Matrize सर्वे में NDA को कितनी सीटें मिलने का अनुमान?
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं. सभी दल अपनी चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं. इसी बीच न्यूज तक के खास कार्यक्रम ‘साप्ताहिक सभा’ में मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर ने Matrize के फाउंडर मनोज सिंह से चुनावी संभावनाओं पर बातचीत की. इस दौरान प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के संभावित नतीजों और अलग-अलग क्षेत्रों में मतदाताओं के रुझान पर चर्चा हुई. मनोज सिंह के मुताबिक Matrize के ताजा सर्वे में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है. सर्वे में गठबंधन की लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का अनुमान जताया गया है.
NDA और INDIA गठबंधन के वोट शेयर में कितना अंतर?
सीटों का अनुमान और वोट शेयर का गणित
‘Matrize’ के ताजा सर्वे के अनुसार सीटों और वोट प्रतिशत की स्थिति इस प्रकार है:
सीटों का अनुमान (कुल 403 सीटें):
NDA (एनडीए): 245 से 265 सीटें
INDIA (इंडिया) गठबंधन: 135 से 155 सीटें
BSP (बसपा): 1 से 3 सीटें
अन्य (Others): 5 से 10 सीटें
वोट शेयर (Vote Share):
NDA: 44 फीसदी वोट
INDIA गठबंधन: 38 फीसदी वोट (दोनों प्रमुख गठबंधनों में 6% का अंतर)
BSP: 8 फीसदी वोट
अन्य: 10 फीसदी वोट
कुर्मी, कोइरी और ब्राह्मण वोटरों का रुख क्या होगा?
चर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश के जातीय समीकरणों पर भी बात हुई. मनोज सिंह के मुताबिक लोकसभा चुनाव में NDA से दूर हुए कुर्मी और कोइरी जैसे ओबीसी मतदाता फिलहाल पूरी तरह समाजवादी पार्टी की ओर जाते नहीं दिख रहे हैं. वहीं, मुस्लिम और यादव मतदाताओं का समर्थन सपा के साथ मजबूत बताया गया.
दलित वोट, कानून-व्यवस्था और विपक्ष की रणनीति पर चर्चा
मनोज सिंह ने जमीनी फीडबैक के आधार पर बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के दलित और अनुसूचित जाति (SC) के कई मतदाता कानून-व्यवस्था को लेकर मौजूदा सरकार के काम से संतुष्ट बताए जा रहे हैं. रंगदारी, अवैध कब्जों और अपराध में कमी जैसे मुद्दे इस वर्ग के रुझान को प्रभावित कर सकते हैं. ऐसे में सपा के लिए SC मतदाताओं के बीच समर्थन बढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
उन्होंने कहा कि मतदाता अब विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था और स्थानीय समस्याओं को ध्यान में रखकर फैसले ले रहे हैं. विपक्ष की रणनीति पर चर्चा में उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव का ध्यान उत्तर प्रदेश की राजनीति और चुनाव पर केंद्रित बताया, जबकि राहुल गांधी के बारे में कहा कि उनका फोकस 2029 के लोकसभा चुनाव पर अधिक दिखाई देता है. उनके मुताबिक विपक्षी गठबंधन की ओर से फिलहाल उस स्तर का आक्रामक चुनाव प्रचार नजर नहीं आ रहा, जिसकी उम्मीद की जा रही थी.
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