Connect with us

उत्तर प्रदेश

चाइनीज़ मांझा से मौत अब ‘हत्या’ मानी जाएगी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा और सख्त आदेश

चाइनीज़ मांझा से मौत अब ‘हत्या’ मानी जाएगी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा और सख्त आदेश

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में चाइनीज़ मांझा (प्रतिबंधित पतंग की डोर) से हो रही लगातार मौतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य में चाइनीज़ मांझा से होने वाली किसी भी मौत को अब ‘हत्या’ माना जाएगा और ऐसे मामलों में हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाएगी।

मुख्यमंत्री का यह आदेश उस समय आया है, जब पिछले एक साल में उत्तर प्रदेश में कम से कम आठ लोगों की मौत चाइनीज़ मांझा की चपेट में आने से हो चुकी है। इनमें बच्चे, युवा और राहगीर शामिल हैं, जिससे यह मुद्दा कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन गया है।

प्रतिबंध के बावजूद कैसे बिक रहा है चाइनीज़ मांझा?

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि प्रतिबंध लगने के बावजूद चाइनीज़ मांझा आखिर बाजार में कैसे उपलब्ध है। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए स्पष्ट किया कि अब इस तरह की किसी भी ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा,

“चाइनीज़ मांझा आम नागरिकों के लिए जानलेवा खतरा बन चुका है। यह केवल इंसानों ही नहीं, बल्कि पक्षियों और पशुओं के लिए भी बेहद घातक है। इसके बावजूद यदि यह बिक रहा है, तो इसके पीछे पूरा अवैध नेटवर्क सक्रिय है, जिसे खत्म करना जरूरी है।”

पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि जिला-स्तर पर विशेष अभियान चलाकर चाइनीज़ मांझा बेचने और सप्लाई करने वाले नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि अवैध मांझा की बिक्री, भंडारण और आपूर्ति में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि

  • हर जिले में छापेमारी अभियान चलाया जाए

  • चाइनीज़ मांझा की तत्काल जब्ती हो

  • थोक और खुदरा विक्रेताओं पर कड़ी निगरानी रखी जाए

  • ऑनलाइन बिक्री और आपूर्ति चैनलों की भी जांच की जाए

मौत होने पर सीधे हत्या की FIR

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ शब्दों में कहा कि यदि चाइनीज़ मांझा के कारण किसी व्यक्ति की जान जाती है, तो उस मामले में सीधे हत्या (मर्डर) की एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसमें केवल मांझा उड़ाने वाला ही नहीं, बल्कि

  • बेचने वाला

  • सप्लायर

  • वितरक

  • और अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग

भी समान रूप से दोषी माने जाएंगे और उन्हें जेल भेजा जाएगा

कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने बताया कि सरकार इस आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कानूनी और प्रक्रियात्मक ढांचा तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा,

“हम ऐसी कानूनी व्यवस्था बना रहे हैं, जिससे चाइनीज़ मांझा से होने वाली किसी भी मौत को हत्या के अपराध के रूप में दर्ज किया जा सके। पुलिस को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि किसी तरह की अस्पष्टता न रहे।”

बच्चों और राहगीरों के लिए सबसे बड़ा खतरा

सरकारी आंकड़ों और रिपोर्टों के अनुसार, चाइनीज़ मांझा सबसे ज्यादा बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। तेज धार और मजबूत सिंथेटिक सामग्री से बना यह मांझा गर्दन, हाथ और चेहरे पर गंभीर चोट पहुंचाता है, जिससे कई मामलों में मौके पर ही मौत हो जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा का सवाल है।

पक्षियों और पशुओं पर भी घातक प्रभाव

बैठक में यह भी बताया गया कि चाइनीज़ मांझा से पक्षियों की बड़े पैमाने पर मौतें हो रही हैं। कई पक्षी उड़ते समय इस मांझा में फंसकर घायल हो जाते हैं या दम तोड़ देते हैं। पशुओं के लिए भी यह उतना ही खतरनाक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण और जीव-जंतुओं की रक्षा भी सरकार की जिम्मेदारी है और इस दृष्टि से भी चाइनीज़ मांझा पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।

जनता से भी सहयोग की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम जनता से भी अपील की कि वे

  • चाइनीज़ मांझा का उपयोग न करें

  • इसकी बिक्री या भंडारण की जानकारी तुरंत पुलिस को दें

  • बच्चों को इससे दूर रखें

उन्होंने कहा कि सरकार और समाज दोनों की साझी जिम्मेदारी है कि इस जानलेवा खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जाए।

पहले भी लग चुका है प्रतिबंध

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही चाइनीज़ मांझा पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अवैध तरीके से इसकी बिक्री होती रही है। अब सरकार इसे अपराध की श्रेणी में और अधिक सख्ती से शामिल करने जा रही है।

सख्त संदेश और जीरो टॉलरेंस नीति

राजनीतिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह आदेश जीरो टॉलरेंस नीति का स्पष्ट संदेश देता है। इससे न केवल अवैध मांझा कारोबारियों में डर पैदा होगा, बल्कि पुलिस और प्रशासन पर भी जवाबदेही बढ़ेगी।


👉 उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़ी ऐसी ही भरोसेमंद खबरों के लिए पढ़ते रहें:
🔗 https://www.jantavoicetimes.com

Instagram

Facebook

Janta Voice Times

Janta Voice Times All India News

Trending