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बिहार-झारखंड

जमुई के जिस इलाके में छात्रा के साथ हुई छेड़खानी, वहां दिन में भी रहता है सन्नाटा; तस्करों का है सेफ जोन

मनचलों की घिनौनी हरकत से जमुई शहर से सटा मडवा पहाड़ आज राष्ट्रीय सुखिर्यों में आ गया है। जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग पर शहरी क्षेत्र खत्म होते ही शुरू हाेता है मड़वा पहाड़ का इलाका। इसी जगह एक लिंक सड़क सोनाय मड़वा गांव और कुंदर (लखीसराय) की ओर जाती है।

इस सड़क पर दिन में भी कम चहलकदमी रहती है, सन्नाटा पसरा रहता है। पुलिस की गश्ती भी न के बराबर। इसी वजह से मनचलों ने पहाड़ पर दोस्त के साथ घूमने गई लड़की से छेड़छाड़ और जबरन अगवा कर पहाड़ की ओर ले जाने की कोशिश की।

यहां से सदर थाना की दूरी महज पांच किलोमीटर, लेकिन पुलिस को 36 घंटे बाद भी भनक नहीं लगना अपने आप में कई सवाल खड़े कर रहे हैं। सोमवार को प्रसारित वीडियो में दिख रहा आरोपी युवकों का बालू के अवैध खनन से पुराना नाता है।

यह सभी पास के ही एक गांव के हैं। इन आरोपियों के अलावा अन्य तस्करों की 24 घंटे मडवा मुख्य सड़क से लेकर मदन रोड होते कुंदर बराज तथा मुख्य सड़क पर मनीअड्डा से लेकर मंझवे तक दिन-रात धमा चौकड़ी होती रहती है।

शाम ढलने के बाद तो साम्राज्य ही इन्ही लोगों का चलता है। मडवा पहाड़ इन लोगों का मुख्य ठिकाना होता है। इसी धमाचौकड़ी की वजह से यह इलाका सुरक्षित नहीं रहा, यह सोचकर सामान्य लोग भी सशंकित रहते हैं।

महिलाओं के साथ छेड़खानी आम

इलाके की बहू बेटियों के आने जाने के क्रम में भी फब्तियां कसना और अश्लील हरकतें आम बात है। इन सब के बावजूद इज्जत और अनहोनी का डर लोगों को चुप रहने के लिए मजबूर कर देता है। कहा जाता है कि यह पूरा इलाका अवैध खनन तथा शराब की अवैध तस्करी का केंद्र बन चुका है।

काली कमाई ने तस्करी से जुड़े लोगों के मनोबल को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। यह घटना भी इस बढ़ हुए मनोबल का परिणाम माना जा रहा है। बताया जाता है कि स्कूली छात्रा और छात्र पहाड़ की ओर से घूम कर वापस लौट रहे थे, तभी वह घटना घटित हुई थी।

प्रसारित वीडियो में सुनसान रहने वाली सड़क पर घटनास्थल के समीप कार की मौजूदगी और भी बहुत कुछ बयां कर रही है। वैसे पूरी स्थिति तो पीड़ित छात्रा और छात्र के बयान के पश्चात ही स्पष्ट हो पाएगी। लेकिन यह इलाका एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

IAS प्रतिभा रानी के काफिले पर भी हुआ था हमला

घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित चंदवारा गांव के समीप बालू तस्करों ने 13 मई 2021 को तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी प्रतिभा रानी के काफिले पर हमला कर दिया था।

उसे काफिले में एसपी अभियान सहित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और कई थाने की पुलिस भी शामिल थी। तब तस्करों की ओर से फायरिंग भी हुई थी। इसमें दरोगा सहित दो जवान भी घायल हुए थे।

4 नवंबर 2022 को छठ्ठू धनामा के समीप बालू तस्करों ने हमला कर पुलिस पदाधिकारी और दंडाधिकारी सहित चार जवानों को घायल कर दिया था।

उक्त हमले में भी तस्करों की ओर से फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था। हालांकि मौके पर बड़ी संख्या में पहुंची पुलिस द्वारा हमलावरों में से चार को गिरफ्तार करने का दवा किया गया था।

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