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दो दिन में तीन मासूम बेटियों की मौत, फूड पॉइजनिंग की आशंका; पीथमपुर से छत्तीसगढ़ जा रहे परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मध्य प्रदेश में एक परिवार पर ऐसा दुख टूटा कि महज दो दिनों के भीतर उसकी तीन मासूम बेटियों की मौत हो गई। पीथमपुर में निजी नौकरी करने वाले परिवार की दो बेटियों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजन दोनों के शव लेकर छत्तीसगढ़ स्थित अपने पैतृक नगर जांजगीर-चांपा जा रहे थे, तभी रास्ते में तीसरी बेटी की तबीयत बिगड़ गई। उसे पहले सुखतवा स्वास्थ्य केंद्र और फिर इटारसी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
प्रारंभिक जांच में तीनों बच्चियों की तबीयत खराब होने के पीछे फूड पॉयजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
खाना खाने के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत
पुलिस के अनुसार परिवार मूल रूप से छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा का रहने वाला है। बच्चियों के पिता नरेंद्र सिंह पीथमपुर की एक कंपनी में नौकरी करते हैं और परिवार के साथ वहीं रह रहे थे।
परिजनों के मुताबिक दो दिन पहले रात करीब दो बजे परिवार ने दाल, चावल, रोटी और सब्जी खाई थी। भोजन के बाद तीनों बच्चियों को अचानक उल्टी-दस्त शुरू हो गए। देखते ही देखते उनकी हालत बिगड़ने लगी।
अस्पताल में दो बच्चियों को मृत घोषित किया
माता-पिता तीनों बच्चियों को उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद दो बच्चियों को मृत घोषित कर दिया। मृतक बच्चियों की उम्र 5 और 8 वर्ष बताई गई है।
दोनों बेटियों की मौत के बाद परिवार ने उनके शव एंबुलेंस से पैतृक गांव जांजगीर-चांपा ले जाने का फैसला किया। गमगीन परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए गांव रवाना हुए।
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रास्ते में तीसरी बेटी की हालत बिगड़ी
इसी दौरान बुधवार रात फोरलेन पर सफर करते समय तीसरी बच्ची की तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजन उसे सुखतवा स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे इटारसी रेफर कर दिया।
इसके बाद बच्ची को इटारसी के सरकारी अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। तीसरी बच्ची की उम्र 10 वर्ष बताई गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
थाना प्रभारी सौरभ पांडे के अनुसार तीनों बच्चियां जांजगीर-चांपा की रहने वाली थीं। प्रारंभिक तौर पर फूड पॉयजनिंग की आशंका सामने आई है, लेकिन मौत का सही कारण पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही सामने आएगा।
बताया गया है कि बेटमा क्षेत्र के पास अस्पताल में दोनों बच्चियों के शव बिना पोस्टमार्टम कराए परिजनों को सौंप दिए गए थे। तीसरी बच्ची की मौत इटारसी में होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है।
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