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CM भगवंत मान जिस अस्पताल में भर्ती, उसे बम से उड़ाने की धमकी

CM भगवंत मान जिस अस्पताल में भर्ती, उसे बम से उड़ाने की धमकी

पंजाब में उस समय हड़कंप मच गया जब मोहाली स्थित अस्पताल, जहां मुख्यमंत्री Bhagwant Mann भर्ती हैं, को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं और अस्पताल परिसर के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। जिस अस्पताल को धमकी मिली है, वह है Fortis Hospital Mohali, जहां मुख्यमंत्री उपचार के लिए भर्ती बताए जा रहे हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अस्पताल प्रशासन को एक संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें अस्पताल परिसर को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। ईमेल में कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई। जैसे ही यह सूचना अस्पताल प्रबंधन तक पहुंची, उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी दी।

धमकी मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया है। ईमेल किस आईडी से भेजा गया, उसका स्रोत क्या है और इसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

धमकी के बाद अस्पताल के मुख्य गेट, आपातकालीन प्रवेश द्वार और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। पूरे अस्पताल परिसर की बारीकी से जांच की गई, जिसमें पार्किंग क्षेत्र, बेसमेंट, वार्ड, ओपीडी और अन्य हिस्से शामिल थे।

मरीजों और उनके परिजनों में शुरुआत में घबराहट का माहौल जरूर बना, लेकिन प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखा। अस्पताल प्रबंधन ने अपील की कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और संयम बनाए रखें। एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए प्रवेश और निकास पर सख्त निगरानी रखी गई।

चूंकि मुख्यमंत्री भगवंत मान इसी अस्पताल में भर्ती हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पहले से मौजूद सुरक्षा घेरा और मजबूत किया गया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते रहे।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के वार्ड के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एहतियाती कदम है और फिलहाल किसी विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

बताया जा रहा है कि इसी ईमेल के जरिए कुछ स्कूलों को भी धमकी दी गई थी। इससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई। पुलिस ने संबंधित स्कूलों की भी जांच की और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थानों पर अस्थायी रूप से छुट्टी भी घोषित की गई।

अधिकारियों का कहना है कि कई बार इस तरह की धमकियां फर्जी (होअक्स) भी साबित होती हैं, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। इसलिए हर सूचना को गंभीरता से लिया जा रहा है।

धमकी भरे ईमेल की तकनीकी जांच के लिए साइबर विशेषज्ञों को लगाया गया है। ईमेल सर्वर, आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रेल को ट्रैक करने की कोशिश की जा रही है। यदि ईमेल किसी विदेशी सर्वर से भेजा गया है, तो अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी संपर्क किया जा सकता है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन जांच पूरी होने तक किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं यह किसी शरारती तत्व की करतूत तो नहीं।

घटना के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विभिन्न दलों के नेताओं ने इस धमकी की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कई नेताओं ने कहा कि इस तरह की धमकियां न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि आम जनता में भय का माहौल भी पैदा करती हैं।

सरकार की ओर से कहा गया है कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। मुख्यमंत्री की सेहत और सुरक्षा दोनों को प्राथमिकता दी जा रही है।

अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिजनों के बीच कुछ समय के लिए चिंता का माहौल बन गया था। हालांकि तलाशी अभियान के दौरान किसी विस्फोटक सामग्री के न मिलने की खबर से लोगों ने राहत की सांस ली। अस्पताल प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया कि इलाज की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी और सभी सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की धमकियां कानून-व्यवस्था की परीक्षा होती हैं। चाहे धमकी फर्जी हो या वास्तविक, प्रशासन को हर स्तर पर सक्रिय रहना पड़ता है। इससे न केवल संसाधनों पर दबाव पड़ता है, बल्कि आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना भी पैदा होती है।

पिछले कुछ समय में देश के विभिन्न हिस्सों में ईमेल के जरिए बम धमकी देने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें बाद में अधिकांश मामले फर्जी निकले। फिर भी सुरक्षा एजेंसियां हर सूचना को गंभीरता से लेती हैं।

फिलहाल पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच जारी है और ईमेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। यदि आरोपी की पहचान हो जाती है, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल और आसपास के इलाकों में निगरानी कुछ समय तक और बढ़ाई जाएगी। सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके।

मोहाली स्थित उस अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी, जहां मुख्यमंत्री भगवंत मान भर्ती हैं, ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है। हालांकि अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, फिर भी सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता बरत रही हैं। साइबर जांच जारी है और दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने की कोशिश की जा रही है।

राज्य सरकार और पुलिस का कहना है कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की धमकी को हल्के में नहीं लिया जाएगा। फिलहाल स्थिति शांत है, लेकिन जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी।

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