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पंजाब

दलजीत सिंह की बहन ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में उनकी मौत की सीबीआई जांच की मांग की

मानसा जिले के भामे कलां गांव के दलजीत सिंह की बहन अमरजीत कौर ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपने भाई की मौत की सीबीआई जांच और पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ में स्वतंत्र पोस्टमार्टम की मांग की है।

अपनी आपराधिक रिट याचिका में उन्होंने अपने जीवन और स्वतंत्रता के साथ-साथ मृतक के परिवार की सुरक्षा की भी मांग की है।

याचिकाकर्ता ने दलजीत के पार्थिव शरीर को परिवार को सौंपने और शव को ले जाने और उसके साथ मौजूद लोगों के खिलाफ बल प्रयोग करने में कथित रूप से शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और आपराधिक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया है।

याचिका के अनुसार, दलजीत 27 अक्टूबर को मृत पाए गए थे, जब उनके परिवार को सूचित किया गया था कि वह अपने आवास से लगभग 1.5 से 2 किलोमीटर की दूरी पर बेहोश पड़े हैं। परिवार का मानना था कि उसकी मौत ड्रग ओवरडोज से हुई थी।

याचिका में कहा गया है कि परिवार, ग्रामीणों और पंचायत के सदस्यों ने नशीली दवाओं के खतरे पर अपनी चिंताओं को उठाने के लिए मानसा में चल रहे धरने में उनके पार्थिव शरीर को ले जाने का फैसला किया। हालांकि, याचिकाकर्ता का आरोप है कि पुलिस ने रामदित्ते वाला चौक, मानसा में उनका रास्ता रोक दिया और बाद में सभा पर लाठीचार्ज किया, परिवार के सदस्यों और मीडियाकर्मियों पर हमला किया और जबरन शव ले गए।

उसने आगे आरोप लगाया है कि उसके पिता जरनैल सिंह को पुलिस हिरासत में लिया गया और समझौता करने और शव का अंतिम संस्कार करने का दबाव डाला गया। मृतक की पत्नी और नाबालिग बेटे को भी कथित तौर पर मानसा के थाना सिटी-1 ले जाया गया और 28 अक्टूबर की आधी रात को रिहा कर दिया गया।

याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि परिवार को 30 अक्टूबर को मीडिया के माध्यम से पता चला कि उसकी जानकारी या सहमति के बिना पोस्टमार्टम किया गया था, जबकि शव के ठिकाने का खुलासा नहीं किया गया था।

याचिका में जिन प्रतिवादियों के नाम हैं, उनमें पंजाब राज्य, पंजाब के डीजीपी, सीबीआई, मानसा एसएसपी और पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ शामिल हैं।

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