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मध्य प्रदेश

समय के साथ सोच बदलने का संदेश — गढ़ा, छतरपुर में सामूहिक विवाह समारोह में नवदंपतियों को मिला आशीर्वाद

समय के साथ सोच बदलने का संदेश — गढ़ा, छतरपुर में सामूहिक विवाह समारोह में नवदंपतियों को मिला आशीर्वाद

छतरपुर (मध्य प्रदेश)।
“समय के साथ सोच को भी बदलने की जरूरत है। खर्चीले विवाह से बचें, सामूहिक विवाह सबसे उत्तम है।” — इसी सामाजिक संदेश के साथ गढ़ा, जिला छतरपुर में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह ने समाज को नई दिशा देने का कार्य किया।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में विवाह समारोहों पर अनावश्यक खर्च सामाजिक असमानता और आर्थिक बोझ का कारण बनता है। ऐसे में सामूहिक विवाह जैसी पहल न केवल आर्थिक रूप से सहायक है, बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है।

सामाजिक परिवर्तन का सशक्त संदेश

कार्यक्रम में कहा गया कि विवाह एक पवित्र संस्कार है, जिसे दिखावे और प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बनाना चाहिए। सामूहिक विवाह से समाज के कमजोर वर्गों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर मिलता है और परिवार कर्ज के बोझ से भी बचते हैं।

वक्ताओं ने यह भी रेखांकित किया कि बदलते समय में परंपराओं को आधुनिक सोच के साथ संतुलित करना आवश्यक है। समाज में सकारात्मक परिवर्तन तभी संभव है जब लोग स्वयं आगे बढ़कर सरल और सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाएं।

नवदंपतियों को मिला आशीर्वाद

समारोह में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। नवदंपतियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। मंच से सभी जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

आयोजकों ने प्रत्येक जोड़े को आवश्यक गृहस्थी सामग्री और उपहार भी प्रदान किए, ताकि वे आत्मनिर्भरता के साथ अपने जीवन की नई शुरुआत कर सकें।

बागेश्वर धाम की सराहनीय पहल

इस पुनीत कार्य के आयोजन में बागेश्वर धाम सेवा समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्था लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से समाज सेवा में सक्रिय रही है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बागेश्वर धाम द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण भी है। संस्था द्वारा जरूरतमंद परिवारों की सहायता और समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री के प्रति आभार

इस अवसर पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के योगदान की भी सराहना की गई। उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। वक्ताओं ने उनके सामाजिक और आध्यात्मिक नेतृत्व को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि ऐसे आयोजनों से समाज में एकता, सहयोग और सेवा की भावना को बढ़ावा मिलता है।

समाज के लिए प्रेरणा

विशेषज्ञों का मानना है कि सामूहिक विवाह जैसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बन सकते हैं। इससे न केवल आर्थिक संसाधनों की बचत होती है, बल्कि समाज में समानता और भाईचारे की भावना भी मजबूत होती है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए लोगों ने इस पहल की खुलकर प्रशंसा की। कई परिवारों ने कहा कि सामूहिक विवाह ने उन्हें सम्मान और सहयोग का अनुभव कराया।


निष्कर्ष

गढ़ा, जिला छतरपुर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह ने यह संदेश दिया कि समय के साथ सोच में बदलाव जरूरी है। विवाह जैसे पवित्र संस्कार को सरल, सादगीपूर्ण और सामाजिक रूप से जिम्मेदार बनाकर ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

बागेश्वर धाम सेवा समिति और पंडित धीरेंद्र शास्त्री के प्रयासों से यह आयोजन न केवल सफल रहा, बल्कि समाज को नई दिशा देने वाला प्रेरक उदाहरण भी बन गया।

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