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भारत में H-1B वीज़ा धारकों के लिए बड़ी परेशानी: अमेरिकी दूतावासों ने 2027 तक बढ़ाईं इंटरव्यू डेट्स, हजारों प्रोफेशनल फंसे
भारत में H-1B वीज़ा धारकों के लिए बड़ी परेशानी: अमेरिकी दूतावासों ने 2027 तक बढ़ाईं इंटरव्यू डेट्स, हजारों प्रोफेशनल फंसे
भारत में रहने वाले और अमेरिका में काम करने वाले H-1B वीज़ा धारकों के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। अमेरिकी दूतावासों ने भारत में H-1B वीज़ा स्टैम्पिंग के नियमित इंटरव्यू स्लॉट 2027 तक के लिए बढ़ा दिए हैं, जिससे हजारों भारतीय प्रोफेशनल्स गंभीर संकट में फंस गए हैं।

25 जनवरी 2026 को सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत के सभी पांच अमेरिकी वाणिज्य दूतावास—दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता—में अप्रैल–मई 2027 से पहले कोई भी नियमित H-1B इंटरव्यू अपॉइंटमेंट उपलब्ध नहीं है। इस फैसले से भारतीय आईटी विशेषज्ञों, डॉक्टरों, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अन्य कुशल पेशेवरों में भारी चिंता फैल गई है।
भारत लौटे H-1B प्रोफेशनल्स अमेरिका नहीं लौट पा रहे
H-1B वीज़ा पर काम करने वाले कई भारतीय प्रोफेशनल्स मिड-करियर ब्रेक या पारिवारिक कारणों से भारत आए थे। लेकिन अब वे अमेरिका वापस नहीं लौट पा रहे हैं, क्योंकि वैध वीज़ा स्टैम्प के बिना अमेरिका में प्रवेश संभव नहीं है।
इमिग्रेशन विशेषज्ञों के अनुसार:
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हजारों H-1B वर्कर्स भारत में फंसे हुए हैं
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कई अमेरिकी कंपनियों के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे हैं
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आईटी, हेल्थकेयर और रिसर्च सेक्टर पर सीधा असर पड़ रहा है
कैसे बढ़ा वीज़ा बैकलॉग: दिसंबर 2025 से शुरू हुई समस्या
वीज़ा बैकलॉग की समस्या दिसंबर 2025 में गंभीर रूप लेने लगी, जब अमेरिकी दूतावासों ने:
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दिसंबर 2025 के इंटरव्यू स्लॉट रद्द किए
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उन्हें पहले मार्च 2026 में शिफ्ट किया
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फिर अक्टूबर 2026 तक आगे बढ़ा दिया
जनवरी 2026 में एक बार फिर आंतरिक शेड्यूलिंग बदलाव हुए, जिसके बाद कई मामलों को सीधे 2027 तक टाल दिया गया।
अमेरिका की दो नई नीतियां बनीं बड़ी वजह
अमेरिकी दूतावास अधिकारियों ने इस भारी देरी के पीछे वॉशिंगटन की दो बड़ी नीतिगत बदलावों को जिम्मेदार ठहराया है:
1️⃣ सोशल मीडिया स्क्रीनिंग अनिवार्य
15 दिसंबर 2025 से अमेरिका ने सभी एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड वीज़ा आवेदनों के लिए सोशल मीडिया जांच अनिवार्य कर दी है।
इससे:
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वीज़ा प्रोसेसिंग समय बढ़ गया
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अतिरिक्त स्टाफ और संसाधनों की जरूरत पड़ गई
2️⃣ थर्ड-कंट्री वीज़ा स्टैम्पिंग खत्म
अमेरिकी विदेश विभाग ने भारतीय नागरिकों के लिए थर्ड-कंट्री स्टैम्पिंग (जैसे दुबई, सिंगापुर, थाईलैंड) को समाप्त कर दिया।
अब सारा दबाव केवल भारत के पांच अमेरिकी दूतावासों पर आ गया है।
हजारों प्रोफेशनल भारत में फंसे, कंपनियां परेशान
इमिग्रेशन वकीलों के अनुसार, अमेरिका की कई Fortune 500 कंपनियां गंभीर संकट में हैं।
कंपनियों के प्रमुख विशेषज्ञ भारत में फंसे हुए हैं, जिससे:
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प्रोजेक्ट डिले हो रहे हैं
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क्लाइंट डिलीवरी प्रभावित हो रही है
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बिज़नेस लॉस बढ़ रहा है
कुछ कंपनियों ने मजबूरी में:
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रिमोट-वर्क इमरजेंसी वेवर दिए
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या कर्मचारियों को कनाडा और मैक्सिको भेज दिया, जहां अस्थायी वर्क परमिट मिलना आसान है
अमेरिका की STEM टैलेंट रणनीति पर भी सवाल
यह संकट अमेरिका की उस नीति पर भी सवाल खड़े करता है, जिसमें वह STEM टैलेंट को आकर्षित करने की बात करता रहा है।
ह्यूस्टन स्थित इमिग्रेशन लॉ फर्म की पार्टनर एमिली न्यूमैन कहती हैं:
“अगर IIT से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में PhD करने वाला छात्र जर्मनी में दो हफ्तों में ब्लू कार्ड पा सकता है, लेकिन अमेरिका में 18 महीने तक वीज़ा इंटरव्यू का इंतज़ार करना पड़े, तो टैलेंट खुद फैसला करेगा।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति अमेरिका की ग्लोबल टैलेंट रेस को कमजोर कर सकती है।
VisaHQ जैसी सेवाओं की बढ़ी मांग
इस अव्यवस्था के बीच कई प्रोफेशनल्स VisaHQ जैसी वीज़ा कंसीयर्ज सेवाओं का सहारा ले रहे हैं।
VisaHQ:
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इंटरव्यू स्लॉट कैंसिलेशन की त्वरित जानकारी देता है
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DS-160 डॉक्यूमेंट तैयार करने में मदद करता है
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कूरियर और डॉक्यूमेंट सबमिशन का समन्वय करता है
इससे कुछ लोगों को अचानक खुले स्लॉट पकड़ने में मदद मिल रही है, हालांकि यह समाधान सभी के लिए संभव नहीं है।
फंसे हुए H-1B वर्कर्स के लिए विकल्प सीमित
जो H-1B वर्कर्स पहले से भारत में फंसे हुए हैं, उनके लिए विकल्प बेहद सीमित हैं:
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एक्सपीडाइटेड अपॉइंटमेंट केवल मेडिकल इमरजेंसी में
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स्टाफ की कमी के कारण एक्सपीडाइट भी हफ्तों में
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ड्रॉप-बॉक्स या इंटरव्यू वेवर पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं
अमेरिका के टेक-हब वाले इलाकों के सांसदों ने विदेश विभाग पर दबाव बनाया है, लेकिन फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है।
2026 में यात्रा की योजना बना रहे H-1B धारकों के लिए सलाह
इमिग्रेशन विशेषज्ञों की व्यावहारिक सलाह:
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2026 में भारत यात्रा से पहले कम से कम एक साल का बफर रखें
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गैर-जरूरी यात्रा टालें
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वैकल्पिक असाइनमेंट (कनाडा, मैक्सिको, यूरोप) पर विचार करें
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कंपनियां प्रीमियम प्रोसेसिंग और कानूनी बजट पहले से तय करें
निष्कर्ष
भारत में अमेरिकी दूतावासों द्वारा H-1B वीज़ा इंटरव्यू डेट्स को 2027 तक बढ़ाना हजारों भारतीय प्रोफेशनल्स और अमेरिकी कंपनियों दोनों के लिए गंभीर संकट बन गया है। यह न केवल व्यक्तिगत करियर को प्रभावित कर रहा है, बल्कि वैश्विक बिज़नेस और टैलेंट मोबिलिटी पर भी असर डाल रहा है।
आने वाले दिनों में अगर अमेरिका ने ड्रॉप-बॉक्स या अस्थायी राहत उपाय नहीं किए, तो इसका दीर्घकालिक प्रभाव वैश्विक स्तर पर देखने को मिल सकता है।
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