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पंजाब

PM मोदी के दौरे पर राजनीति गरमाई, डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने विरोधी नेताओं को घेरा

देश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। इस बार सुर्ख़ियों में हैं पंजाब की जानी-मानी नेता और पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर विरोध करने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला है। डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपने बयान में ऐसे नेताओं को “राजनीतिक चोर” करार देते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री का अपमान करना केवल राजनीति नहीं, बल्कि लोकतंत्र और देश की जनता का अपमान है।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर कुछ विपक्षी दलों और नेताओं ने विरोध दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि यह दौरा राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से किया जा रहा है और इसमें जनहित से जुड़े मुद्दों को दरकिनार किया गया है। इसी विरोध को लेकर डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का पद किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व करता है।

उन्होंने कहा कि जब देश का प्रधानमंत्री किसी राज्य या क्षेत्र में जाता है, तो वह वहां विकास, योजनाओं और भविष्य की दिशा की बात करता है। ऐसे में केवल राजनीतिक स्वार्थ के चलते विरोध करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपने बयान में बेहद तीखी भाषा का प्रयोग करते हुए कहा,
“जो नेता प्रधानमंत्री के दौरे का विरोध कर रहे हैं, वे असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने वाले राजनीतिक चोर हैं। इन्हें न जनता की चिंता है और न ही देश की।”

उनका कहना था कि जिन नेताओं के पास जनता को बताने के लिए कोई सकारात्मक काम नहीं होता, वही इस तरह के विरोध और बयानबाज़ी का सहारा लेते हैं। ऐसे लोग सिर्फ़ सुर्ख़ियों में बने रहने के लिए विवाद खड़ा करते हैं।

अपने बयान में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने देश को एक स्पष्ट दिशा दी है और कई बड़े फैसले लेकर भारत को वैश्विक मंच पर मज़बूत स्थिति में खड़ा किया है।

उन्होंने कहा,
“प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। ऐसे नेता के दौरे का विरोध करना समझ से परे है।”

डॉ. सिद्धू ने बिना किसी पार्टी का नाम लिए विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दलों को हर अच्छे काम में भी राजनीति दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि
“जब विकास की बात होती है तो यही लोग सवाल उठाते हैं और जब जनता सवाल पूछती है तो यही लोग चुप्पी साध लेते हैं।”

उनका आरोप था कि प्रधानमंत्री के दौरे का विरोध करने वाले नेता खुद जनता के बीच जाने से डरते हैं, क्योंकि उनके पास बताने के लिए कोई उपलब्धि नहीं है।

डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध की भी एक मर्यादा होती है। प्रधानमंत्री के दौरे को रोकने या उसका अपमान करने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय पदों की गरिमा बनाए रखना सभी की ज़िम्मेदारी है। यदि आज प्रधानमंत्री का अपमान होगा, तो कल किसी और संवैधानिक पद की बारी आएगी।

अपने बयान के अंत में डॉ. सिद्धू ने जनता से अपील की कि वह ऐसे नेताओं को पहचाने जो सिर्फ़ नकारात्मक राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक सोच और विकास आधारित राजनीति की ज़रूरत है, न कि विरोध और आरोप-प्रत्यारोप की।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि
“अब समय आ गया है कि जनता राजनीतिक चोरों और सच्चे जनसेवकों के बीच फर्क करे।”

डॉ. नवजोत कौर सिद्धू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। प्रधानमंत्री के हर दौरे को लेकर राजनीति होना आम बात बन गई है, लेकिन इस तरह की सीधी और तीखी प्रतिक्रिया ने बहस को और तेज़ कर दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान न केवल विपक्ष पर हमला है, बल्कि उन नेताओं के लिए भी चेतावनी है जो हर मुद्दे को राजनीतिक चश्मे से देखते हैं।

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