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पंजाब

पंजाब सरकार राज्यभर में कराएगी भगवान राम पर आधारित ‘हमारे राम’ नाटक के शो, कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले

चंडीगढ़:
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास, किसानों की आय, स्वास्थ्य और संस्कृति से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे खास फैसला भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित प्रसिद्ध नाटक ‘हमारे राम’ के राज्यभर में 40 शो आयोजित कराने का रहा।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जानकारी देते हुए बताया कि इन कार्यक्रमों में देश के जाने-माने कलाकार प्रस्तुति देंगे। उनका कहना है कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज को सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


गन्ना किसानों को बड़ी राहत

कैबिनेट ने गन्ना उत्पादकों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए ₹68.50 प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी को मंजूरी दी। यह राशि निजी चीनी मिलों द्वारा सीधे किसानों को दी जाएगी।

पंजाब पहले ही देश में सबसे अधिक ₹416 प्रति क्विंटल राज्य सहमत मूल्य दे रहा है, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में ₹15 की बढ़ोतरी की गई थी। नए फैसले के बाद पंजाब देश में गन्ना किसानों को सबसे अधिक भुगतान करने वाला राज्य बना रहेगा। यह निर्णय किसानों की आय सुरक्षा को और मजबूत करेगा।


‘सीएम दी योगशाला’ के तहत 1,000 नए योग प्रशिक्षक

स्वस्थ पंजाब के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने 1,000 योग प्रशिक्षक पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है।
इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में लगभग ₹35 करोड़ का बजट निर्धारित किया जाएगा। इस योजना के तहत आम लोगों को योग से जोड़कर फिट और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जाएगा।


सार्वजनिक भूमि और नगर नियोजन पर अहम फैसले

कैबिनेट ने पंजाब प्रबंधन एवं स्थानांतरण नगरपालिका अधिनियम, 2020 के तहत नए निर्देशों को मंजूरी दी, जिससे:

  • सार्वजनिक भूमि का दुरुपयोग रोका जा सकेगा

  • विकास परियोजनाओं में तेजी आएगी

  • भूमि आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी

इसके साथ ही FAR (फ्लोर एरिया अनुपात) शुल्क की गणना के फार्मूले में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है, जिससे भविष्य की ई-नीलामी परियोजनाओं में एकरूपता लागू होगी।


PAPRA लाइसेंस परियोजनाओं को राहत

PAPRA लाइसेंस प्राप्त परियोजनाओं की वैधता अवधि को बढ़ाकर 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक कर दिया गया है। यह विस्तार अधिकतम तीन वर्षों तक दिया जा सकेगा, जिसके लिए प्रति एकड़ ₹25,000 शुल्क निर्धारित किया गया है।

इस फैसले से रियल एस्टेट सेक्टर को स्थिरता और निवेशकों को राहत मिलने की उम्मीद है।


प्रशासनिक नियमों में संशोधन

कैबिनेट ने पंजाब सिविल सेवा नियमों में संशोधन करते हुए नया नियम 6A जोड़ने को भी मंजूरी दी है, जिससे सेवा शर्तों में सुधार और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।

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