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अमेरिका में डिपोर्टेशन अभियान के बीच ICE से जुड़े कनाडाई कंपनियों पर बढ़ा दबाव

अमेरिका में डिपोर्टेशन अभियान के बीच ICE से जुड़े कनाडाई कंपनियों पर बढ़ा दबाव

ओटावा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने के अभियान को तेज़ किए जाने के बीच अब कई कनाडाई कंपनियां भी विवादों में घिरती नजर आ रही हैं। इन कंपनियों पर आरोप है कि इनके अमेरिका की इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) एजेंसी से व्यावसायिक संबंध हैं।

कनाडा की रक्षा उपकरण निर्माता कंपनी रोशेल (Roshel) और वैंकूवर स्थित कंपनियां हूटसूट (Hootsuite) तथा जिम पैटिसन ग्रुप (Jim Pattison Group) को लेकर सार्वजनिक स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इन कंपनियों के ICE से संबंध ऐसे समय में सामने आए हैं, जब अमेरिका में इमिग्रेशन कार्रवाई के दौरान मिनेसोटा में संघीय एजेंटों द्वारा आम नागरिकों की हत्या की घटनाएं सामने आई हैं।

मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ICE द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाइयों में हिंसा बढ़ी है और ऐसे में कनाडाई कंपनियों का इस एजेंसी से जुड़ना नैतिक रूप से गलत है। इन संगठनों ने कंपनियों से अपने अनुबंधों और सहयोग की समीक्षा करने की मांग की है।

मामले को लेकर कनाडा में भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है। कई समूहों का कहना है कि कनाडाई कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों और नैतिक व्यापार की जिम्मेदारी निभानी चाहिए, खासकर तब जब अमेरिकी इमिग्रेशन नीति पर वैश्विक स्तर पर सवाल उठ रहे हों।

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