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पंजाब

अमृतसर में AAP सरपंच की हत्या: पंजाब की राजनीति में भूचाल, कानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

अमृतसर में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े एक सरपंच की दिनदहाड़े हत्या ने पूरे पंजाब की राजनीति को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छिड़ गई है और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मृतक सरपंच स्थानीय स्तर पर एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि माने जाते थे और गांव के विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनकी हत्या को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला

घटना के तुरंत बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ने पंजाब सरकार पर हमला बोल दिया। विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि,
“पंजाब में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। आम आदमी पार्टी सत्ता संभालने के बाद अपराध रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है।”

वहीं कांग्रेस ने भी सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि राज्य में राजनीतिक हत्याएं आम होती जा रही हैं, जिससे जनता का भरोसा सरकार से उठता जा रहा है।

पुलिस की कार्रवाई

पंजाब पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए कई संदिग्धों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे की साजिश का खुलासा जल्द किया जाएगा और सभी दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।

पुलिस के अनुसार, यह हत्या आपसी रंजिश, राजनीतिक दुश्मनी या आपराधिक साजिश से जुड़ी हो सकती है। सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। इलाके में सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।

AAP का बचाव

आम आदमी पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

AAP प्रवक्ता ने कहा,
“यह दुखद घटना है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक हथियार बना रहा है। सरकार कानून व्यवस्था को लेकर पूरी तरह गंभीर है।”

जनता में बढ़ता डर

इस हत्या के बाद आम लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीण इलाकों में लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कई नागरिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि अपराध नियंत्रण के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाए जाएं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले चोरी, लूट और अब राजनीतिक हत्याएं — ये सभी घटनाएं राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।

राजनीतिक असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में पंजाब की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनेगा। विपक्ष इसे सरकार के खिलाफ लगातार उठाता रहेगा, वहीं सरकार को अपनी छवि बचाने के लिए कड़े फैसले लेने होंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि जल्द ही अपराध पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका सीधा असर आगामी चुनावों पर पड़ सकता है।

आगे की राह

अब सभी की नजरें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या दोषियों को सख्त सजा मिलेगी? क्या कानून व्यवस्था में सुधार होगा? या यह मामला भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक ही सीमित रह जाएगा — यह आने वाला समय बताएगा।

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