Connect with us

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुखू ने हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुखू ने हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और सुधारात्मक कदमों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) से जुड़े एक संवेदनशील मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने गहन विचार-विमर्श किया और अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री सुखू ने स्पष्ट रूप से कहा कि IGMC से संबंधित हालिया घटना अत्यंत गंभीर है और इसकी निष्पक्ष तथा पारदर्शी जांच आवश्यक है। उन्होंने मामले की पुनः जांच के लिए एक नई समिति गठित करने के स्पष्ट निर्देश दिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी प्रकार की लापरवाही या अमानवीय व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी दिन-रात लोगों की सेवा में लगे रहते हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार, उपेक्षा या अमानवीय व्यवहार स्वीकार्य नहीं होगा।

मुख्यमंत्री सुखू ने कहा कि चिकित्सा सेवाओं में मानवीय मूल्यों को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से संवेदनशीलता, सहानुभूति और पेशेवर आचरण को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि मरीजों को सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिसे दूर करना अत्यंत आवश्यक है। रिक्त पदों की शीघ्र भर्ती से न केवल कार्यभार कम होगा बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने दोहराया कि प्रदेश की जनता को बेहतर, सुलभ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने, अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने और जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी। सरकार का उद्देश्य है कि हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं मानवता, संवेदनशीलता और गुणवत्ता का उदाहरण बनें।

Instagram

Facebook

Janta Voice Times

Janta Voice Times All India News

Trending