उत्तर प्रदेश
…तो क्या भाजपा से अलग हो जाएंगे ये पू्र्व सांसद? राज्यसभा टिकट नहीं मिलने पर बुरी तरह भड़के
उत्तर प्रदेश में बीजेपी की राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची सामने आने के बाद आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने ऐसा पोस्ट किया, जिसने उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चा बढ़ा दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर सिर्फ ‘टाटा-बाय-बाय’ लिखा था. अब उन्होंने यूपी Tak से बातचीत में इस पोस्ट की वजह भी बताई है. धर्मेंद्र कश्यप ने साफ कहा कि अब बीजेपी से उनकी राहें अलग हैं.
धर्मेंद्र कश्यप ने इंटरव्यू में कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जिन लोगों ने खुले तौर पर उनकी खिलाफत की, वही लोग अब पार्टी के मंच पर अग्रिम पंक्ति में बैठे दिखाई दिए. उनका कहना है कि पार्टी ने ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की और न ही इस पर चिंता जताई. इसी वजह से उन्होंने ‘टाटा-बाय-बाय’ लिखा.
‘जिन लोगों ने चुनाव हराया, वो मंच पर बैठे थे’
धर्मेंद्र कश्यप ने कहा, “मैं 2024 का चुनाव लड़ा. जिन लोगों ने खुलकर मेरी खिलाफत की, वो अगर अग्रिम पंक्ति में बैठेंगे तो निश्चित तौर पर कष्ट तो होगा. ऐसे लोगों पर पार्टी कोई एक्शन नहीं लेगी. पार्टी कोई चिंता व्यक्त नहीं करेगी तो हम जैसे व्यक्ति का स्वाभाविक टाटा-बाय-बाय कहना बन जाता है.”
उनके इस बयान से यह भी साफ है कि उनकी नाराजगी सिर्फ राज्यसभा टिकट नहीं मिलने तक सीमित नहीं है. उन्होंने 2024 के चुनाव में अपने खिलाफ काम करने वाले नेताओं और पार्टी की ओर से उन पर कार्रवाई न किए जाने को अपनी नाराजगी की बड़ी वजह बताया है.
क्या सपा में जाएंगे धर्मेंद्र कश्यप?
धर्मेंद्र कश्यप से जब पूछा गया कि अब उनकी अगली राजनीतिक मंजिल क्या होगी और क्या समाजवादी पार्टी उनका अगला ठिकाना हो सकती है, तो उन्होंने सीधे तौर पर नाम नहीं लिया. उन्होंने कहा कि वह अपने समर्थकों की बैठक बुला रहे हैं और उनसे राय लेने के बाद फैसला करेंगे.
उन्होंने कहा, “समर्थकों की बैठक बुलवा रहा हूं. ऐसा नहीं है कि केवल लोकसभा या विधानसभा में ही मेरे समर्थक हैं. पूरे मंडल-जनपद में मेरे समर्थक हैं. सबको बुलाकर बैठक कर रहा हूं. उनसे राय लूंगा, तब निर्णय लूंगा.” जब उनसे पूछा गया कि क्या अगला पता समाजवादी पार्टी होगा, तो धर्मेंद्र कश्यप ने कहा, “आपके सामने आ जाएगा, बहुत जल्दी.”
अखिलेश यादव से दोस्ती पर क्या बोले?
धर्मेंद्र कश्यप की पिछले कुछ समय में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकातें भी चर्चा में रही हैं. अब जब उनसे अखिलेश यादव के साथ रिश्ते को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव से उनकी मित्रता है और आगे भी रहेगी.
हालांकि, उन्होंने अभी साफ नहीं किया है कि वह समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे या किसी दूसरे राजनीतिक विकल्प पर जाएंगे. फिलहाल उन्होंने समर्थकों से बातचीत के बाद फैसला लेने की बात कही है.
2014 और 2019 में बीजेपी के टिकट पर जीते थे चुनाव
धर्मेंद्र कश्यप आंवला लोकसभा सीट से 2014 और 2019 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद 2026 के राज्यसभा चुनाव के लिए संभावित नामों की चर्चा में उनका नाम भी सामने आया था, लेकिन बीजेपी की घोषित आठ उम्मीदवारों की सूची में उन्हें जगह नहीं मिली.
बीजेपी ने 5 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश से धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया है
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