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भगवंत मान सरकार की पहल से बदली सड़कों की तस्वीर, हादसों में बड़ी गिरावट, हाईवे अपराधों पर भी कसा शिकंजा

भगवंत मान सरकार की पहल से बदली सड़कों की तस्वीर, हादसों में बड़ी गिरावट, हाईवे अपराधों पर भी कसा शिकंजा

पंजाब में सड़क सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की एक अहम योजना ने न सिर्फ सड़क हादसों में बड़ी कमी लाई है, बल्कि हाईवे पर होने वाले अपराधों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। सरकार की इस पहल को राज्य में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।

पंजाब सरकार द्वारा गठित Sadak Surakhya Force (सड़क सुरक्षा फोर्स) ने बीते महीनों में अपने काम से यह साबित कर दिया है कि सही योजना, मजबूत इच्छाशक्ति और आधुनिक संसाधनों के जरिए जन-जीवन की रक्षा की जा सकती है। आंकड़े बताते हैं कि जिन सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यह फोर्स तैनात की गई है, वहां दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

पंजाब लंबे समय से सड़क दुर्घटनाओं के मामले में देश के संवेदनशील राज्यों में गिना जाता रहा है। तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना, नशे में ड्राइविंग और समय पर मदद न मिलना—ये सभी कारण जानलेवा साबित होते थे। खासकर हाईवे पर होने वाले हादसों में घायलों को अस्पताल पहुंचाने में देरी के कारण मौतों का आंकड़ा बढ़ जाता था।

इसी गंभीर समस्या को देखते हुए भगवंत मान सरकार ने सड़क सुरक्षा फोर्स की शुरुआत की। इस फोर्स का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना होने पर “गोल्डन ऑवर” के भीतर पीड़ित को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। अब जैसे ही किसी हादसे की सूचना मिलती है, सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच जाती है।

सड़क सुरक्षा फोर्स को अत्याधुनिक एम्बुलेंस, ट्रॉमा केयर उपकरण, प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ और तेज रफ्तार रिस्पॉन्स वाहनों से लैस किया गया है। इन एम्बुलेंस में जीवन रक्षक उपकरण मौजूद हैं, जिससे घायल को अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्राथमिक उपचार मिल जाता है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में सिर्फ समय पर दी गई मदद के कारण गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाई जा सकी है। यही वजह है कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों का आंकड़ा लगातार नीचे आ रहा है।

सड़क सुरक्षा फोर्स की भूमिका केवल दुर्घटनाओं तक सीमित नहीं है। हाईवे पर लूट, चोरी, वाहन छीनने और अन्य आपराधिक घटनाओं पर भी इस फोर्स की तैनाती का सकारात्मक असर दिख रहा है। हाईवे पर लगातार गश्त और निगरानी के कारण अपराधियों में डर का माहौल बना है।

फोर्स के जवान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस को सूचना देते हैं। इससे न केवल अपराधों की रोकथाम हुई है, बल्कि आम यात्रियों में सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ा है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान कई मौकों पर साफ कर चुके हैं कि उनकी सरकार की प्राथमिकता सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारना है। उन्होंने कहा है कि “एक भी जान बेवजह न जाए, यही हमारी कोशिश है।” सड़क सुरक्षा फोर्स इसी सोच का परिणाम है।

मुख्यमंत्री का मानना है कि अगर राज्य की सड़कें सुरक्षित होंगी, तो लोगों का भरोसा सरकार और व्यवस्था दोनों पर मजबूत होगा। यही कारण है कि सरकार इस फोर्स के विस्तार और सशक्तिकरण पर लगातार काम कर रही ह

सड़क सुरक्षा फोर्स की सक्रियता से आम जनता को बड़ा लाभ मिला है। खासकर लंबे सफर पर निकलने वाले यात्रियों, ट्रक चालकों और बस यात्रियों में अब सुरक्षा को लेकर पहले से ज्यादा भरोसा देखा जा रहा है। कई लोगों का कहना है कि पहले हाईवे पर हादसे के बाद मदद मिलना मुश्किल होता था, लेकिन अब हालात काफी सुधरे हैं।

ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों के लिए भी यह फोर्स वरदान साबित हो रही है, क्योंकि उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने में यह अहम भूमिका निभा रही है।

सड़क सुरक्षा और परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब सरकार की यह पहल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है। त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली, स्वास्थ्य सेवाओं और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से सड़क हादसों में होने वाली मौतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ कानून बनाने से नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने से ही बदलाव संभव है, और सड़क सुरक्षा फोर्स इसका एक अच्छा उदाहरण है।

सरकार का इरादा आने वाले समय में सड़क सुरक्षा फोर्स का दायरा और बढ़ाने का है। अधिक हाईवे, राज्य मार्ग और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में इसकी तैनाती की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से निगरानी और रिस्पॉन्स सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।

नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भी सख्ती बढ़ाने की तैयारी है, ताकि हादसों को रोका जा सके, न कि सिर्फ उनके बाद राहत दी जाए।

कुल मिलाकर, भगवंत मान सरकार की सड़क सुरक्षा फोर्स योजना ने पंजाब की सड़कों पर एक सकारात्मक बदलाव लाया है। हादसों में कमी, समय पर इलाज और हाईवे अपराधों पर नियंत्रण—ये सभी इस बात के संकेत हैं कि सही नीति और ईमानदार प्रयास से बड़े बदलाव संभव हैं।

यह पहल न सिर्फ आंकड़ों में सुधार दिखा रही है, बल्कि उन हजारों परिवारों के लिए राहत बनकर आई है, जिनकी जिंदगी किसी सड़क हादसे से हमेशा के लिए बदल सकती थी। पंजाब में सड़क सुरक्षा की यह नई सोच अब पूरे देश के लिए एक मिसाल बनती नजर आ रही है।

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