राज्य
भविष्य के डॉक्टर निकले ‘मुन्नाभाई’: 10-12 लाख लेकर दे रहे थे NEET परीक्षा, MBBS का छात्र ही मास्टरमाइंड
लखीसराय में नीट पुनर्परीक्षा के दौरान पकड़े गए सॉल्वर गिरोह ने मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में चल रहे एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा किया है। प्रारंभिक पुलिस जांच और पूछताछ में सामने आया है कि मूल अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने के लिए मेडिकल छात्रों और अभ्यर्थियों के बीच 10 से 12 लाख रुपये तक की डील तय की गई थी।
राशि का एक हिस्सा अग्रिम लिया गया था, जबकि शेष रकम परीक्षा परिणाम और मेडिकल कालेज में नामांकन के बाद भुगतान करने की बात हुई थी।
पुलिस के हत्थे चढ़े नौ स्कॉलर देश के विभिन्न प्रतिष्ठित मेडिकल और स्वास्थ्य शिक्षा संस्थानों से जुड़े हैं। इनमें एम्स रायबरेली, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस दिल्ली, एएनएमएमसीएच गया, न्यू जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज, एनएमसीएच पटना, पीएमसीएच पटना, बीएचयू और अन्य संस्थानों के छात्र शामिल हैं।
यही तथ्य जांच एजेंसियों के लिए सबसे अधिक चिंता का विषय बना हुआ है। सवाल उठ रहा है कि भविष्य के डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहे छात्र आखिर इतनी बड़ी आपराधिक साजिश का हिस्सा कैसे बन गए।
पुलिस जांच में बीएनआईएमएस पावापुरी, नालंदा के एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष के छात्र रविशंकर उर्फ सम्राट का नाम मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया है।
आरोप है कि उसने विभिन्न मेडिकल कालेजों में अध्ययनरत छात्रों का नेटवर्क तैयार कर रखा था। जरूरत के अनुसार योग्य स्कॉलर खोजे गए और फिर उन्हें संबंधित अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने के लिए तैयार किया गया।
जांच टीम यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि यह नेटवर्क केवल नीट तक सीमित था या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सक्रिय रहा है।
जांच के अनुसार, गिरोह का संचालन केवल बिहार तक सीमित नहीं था। गिरफ्तार स्कॉलरों में बिहार, झारखंड, दिल्ली, मध्यप्रदेश, ओडिशा और राजस्थान से जुड़े छात्र शामिल हैं। इससे संकेत मिल रहा है कि नेटवर्क का दायरा कई राज्यों तक फैला हुआ है।
पुलिस अब मोबाइल फोन, डिजिटल चैट, बैंकिंग लेन-देन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि पैसों के प्रवाह और नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
जांच टीम के सामने अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या यह गिरोह पहली बार सक्रिय हुआ था या फिर पिछले वर्षों की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इसी तरह फर्जी परीक्षार्थियों को बैठाने का काम करता रहा है।
यदि डिजिटल साक्ष्यों से इसकी पुष्टि होती है तो यह मामला केवल लखीसराय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक अंतरराज्यीय परीक्षा माफिया नेटवर्क के रूप में सामने आ सकता है।
-
देश10 months ago‘न्याय के साथ विकास’ से ‘Ease of Living’ तक: बिहार को विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में लाने का संकल्प – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
-
देश9 months ago2027 चुनाव से पहले पंजाब सीएम भगवंत मान का बड़ा राजनीतिक दांव
-
विदेश10 months agoफर्जी डिग्री रैकेट पर ऑस्ट्रेलिया में हंगामा, भारतीय कार्रवाई का हवाला देकर सीनेटर मैल्कम रॉबर्ट्स ने छात्र वीज़ा सिस्टम पर उठाए सवाल
-
उत्तर प्रदेश10 months agoपूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की जेल में बिगड़ी तबीयत, देवरिया से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर
-
बिहार-झारखंड10 months agoखाद कालाबाजारी पर बिहार सरकार का सख्त एक्शन, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू: कृषि मंत्री
-
देश9 months agoराष्ट्रपति द्रौपादी मुर्मु का अमृतसर साहिब में भव्य स्वागत, CM भगवंत मान ने सिख मर्यादा व संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश
-
पंजाब9 months agoमीडिया पर दबाव के आरोप, पंजाब की राजनीति में बढ़ा विवाद
-
दिल्ली9 months agoपंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज अमित शाह से करेंगे मुलाकात, अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

