उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन और आरती के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। मंदिर प्रशासन ने संध्या आरती और शयन आरती की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब भक्तों को लंबी कतारों में खड़े होने या ऑफलाइन काउंटर पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे घर बैठे ही आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपनी आरती की बुकिंग कर सकेंगे।
यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मंदिर में हर दिन हजारों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं, विशेषकर सावन, महाशिवरात्रि और अन्य विशेष पर्वों के दौरान भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में ऑनलाइन व्यवस्था से न केवल भीड़ प्रबंधन आसान होगा, बल्कि समय की भी बचत होगी।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और पारदर्शी व्यवस्था की आवश्यकता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पहले संध्या और शयन आरती की बुकिंग के लिए भक्तों को मंदिर परिसर स्थित काउंटर पर जाकर टिकट लेना पड़ता था। कई बार सीमित सीटों के कारण लोगों को निराश लौटना पड़ता था।
ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से अब बुकिंग पहले आओ-पहले पाओ (First Come, First Serve) के आधार पर होगी। इससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कथित अनियमितता की संभावना कम हो जाएगी।
महाकाल मंदिर में दिनभर कई प्रकार की आरतियां होती हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध भस्म आरती है। लेकिन संध्या आरती और शयन आरती का भी विशेष धार्मिक महत्व है।
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संध्या आरती: यह आरती शाम के समय की जाती है, जब दिनभर के दर्शन के बाद भगवान महाकाल की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
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शयन आरती: रात में भगवान को विश्राम देने से पूर्व की जाने वाली यह आरती भक्तों के लिए अत्यंत भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव मानी जाती है।
इन दोनों आरतियों में शामिल होने के लिए सीमित संख्या में पास जारी किए जाते हैं। यही कारण है कि ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया को सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया है। नीचे दिए गए चरणों का पालन कर भक्त आसानी से आरती बुक कर सकते हैं:
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आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – सबसे पहले महाकाल मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग इन करें।
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आरती बुकिंग सेक्शन चुनें – होमपेज पर ‘संध्या आरती’ या ‘शयन आरती’ विकल्प का चयन करें।
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तारीख और समय चुनें – उपलब्ध तिथियों में से अपनी सुविधानुसार तारीख चुनें।
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व्यक्तिगत विवरण भरें – नाम, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र की जानकारी आदि दर्ज करें।
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ऑनलाइन भुगतान करें – निर्धारित शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई या नेट बैंकिंग से करें।
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कन्फर्मेशन प्राप्त करें – भुगतान सफल होने के बाद आपके मोबाइल और ईमेल पर कन्फर्मेशन संदेश प्राप्त होगा।
बुकिंग के समय दर्ज किए गए पहचान पत्र को मंदिर में प्रवेश के दौरान साथ लाना अनिवार्य होगा।
मंदिर प्रशासन द्वारा निर्धारित शुल्क आरती के प्रकार और श्रेणी के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। सामान्यतः प्रति व्यक्ति या प्रति समूह शुल्क तय किया जाता है।
कुछ प्रमुख नियम इस प्रकार हैं:
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निर्धारित समय से पहले मंदिर परिसर में पहुंचना अनिवार्य है।
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ड्रेस कोड का पालन करना होगा।
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बुकिंग ट्रांसफर नहीं की जा सकेगी।
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एक मोबाइल नंबर से सीमित संख्या में ही बुकिंग संभव होगी।
इन नियमों का उद्देश्य व्यवस्था बनाए रखना और सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर देना है।
ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली से भक्तों को कई लाभ मिलेंगे:
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समय की बचत – लंबी कतारों से मुक्ति।
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पारदर्शिता – पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम।
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सुविधा – देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु पहले से योजना बनाकर आरती में शामिल हो सकेंगे।
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भीड़ नियंत्रण – प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी।
खासकर बाहर से आने वाले भक्तों के लिए यह व्यवस्था अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि वे अपनी यात्रा की योजना आरती के समय के अनुसार बना सकेंगे।
यह पहल डिजिटल इंडिया अभियान के अनुरूप भी मानी जा रही है। देश के कई बड़े मंदिरों में पहले से ही ऑनलाइन बुकिंग और ई-दर्शन की व्यवस्था लागू है। अब महाकाल मंदिर में भी यह सुविधा पूरी तरह लागू होने से धार्मिक स्थलों के डिजिटलीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में डिजिटल सेवाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे श्रद्धालुओं का अनुभव बेहतर होता है और प्रशासनिक पारदर्शिता भी बढ़ती है।
उज्जैन, मध्य प्रदेश का एक प्रमुख धार्मिक शहर है और यह बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का स्थल है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कुंभ मेले और सावन मास के दौरान तो यहां भारी भीड़ उमड़ती है।
राज्य सरकार और मंदिर प्रबंधन समिति लगातार सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। ऑनलाइन आरती बुकिंग इसी प्रयास का हिस्सा है।
मंदिर प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में अन्य सेवाओं को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा सकता है, जैसे विशेष पूजन, अभिषेक और दान की ऑनलाइन व्यवस्था। इससे श्रद्धालुओं को और अधिक सुविधा मिलेगी और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनी रहेगी।
महाकाल भक्तों के लिए संध्या और शयन आरती की पूरी तरह ऑनलाइन बुकिंग एक बड़ी राहत है। इससे श्रद्धालुओं को सुविधा, पारदर्शिता और समय की बचत मिलेगी।
यदि आप भी उज्जैन यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पहले से ऑनलाइन बुकिंग कर अपनी आरती सुनिश्चित कर लें। यह नई व्यवस्था निश्चित रूप से भक्तों के अनुभव को और अधिक सुगम और आध्यात्मिक बनाएगी।
हर-हर महादेव!