Connect with us

राज्य

एमपी पुलिस में DSP प्रमोशन सूची पर बवाल: रिटायर इंस्पेक्टर को दे दिया प्रमोशन, नाम की गड़बड़ी से अधिकारी का हक अटका

मध्य प्रदेश गृह विभाग द्वारा हाल ही में जारी की गई 139 पुलिस निरीक्षकों (टीआई) की बहुप्रतीक्षित डीएसपी पदोन्नति सूची अब विवादों में घिर गई है। सूची जारी होने के बाद कई प्रशासनिक और तकनीकी त्रुटियां सामने आई हैं, जिनके चलते पुलिस महकमे में असंतोष बढ़ गया है। प्रभावित अधिकारी अब अपनी शिकायतों को लेकर पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) और मंत्रालय के चक्कर लगा रहे हैं।

सेवानिवृत्ति के तीन महीने बाद प्रमोशन सूची में नाम

सबसे ज्यादा चर्चा रेडियो शाखा के निरीक्षक संतोष कुमार गुप्ता के मामले को लेकर हो रही है। वे 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन गृह विभाग ने करीब तीन महीने बाद जारी डीएसपी पदोन्नति सूची में उनका नाम शामिल कर दिया।

इस घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह सेवानिवृत्ति से पूर्व देय (नोटेशनल) पदोन्नति का मामला है या फिर सूची तैयार करने में गंभीर प्रशासनिक चूक हुई है। फिलहाल गृह विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

नाम की समानता से अटक गया प्रमोशन

सूची में दूसरी बड़ी गड़बड़ी नामों की समानता के कारण सामने आई है। वर्ष 1992 बैच के उपनिरीक्षक वीरेंद्र चौहान, जो भोपाल के कई थानों में थाना प्रभारी रह चुके हैं और वर्तमान में साइबर मुख्यालय में कार्यवाहक डीएसपी का दायित्व संभाल रहे हैं, पदोन्नति सूची से बाहर रह गए।

बताया जा रहा है कि विभागीय स्तर पर समान नाम वाले दूसरे अधिकारी की विभागीय जांच (डीई) का रिकॉर्ड गलती से उनके खाते में दर्ज कर दिया गया। इस तकनीकी त्रुटि के कारण पात्र होने के बावजूद उनका प्रमोशन रुक गया।

अधिकारियों ने शुरू की न्याय की लड़ाई

पदोन्नति सूची में सामने आई इन गड़बड़ियों के बाद प्रभावित अधिकारी अब पुलिस मुख्यालय और मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। उनका कहना है कि सूची तैयार करने में हुई लिपिकीय और तकनीकी त्रुटियों को जल्द सुधारा जाए, ताकि पात्र अधिकारियों को उनका अधिकार मिल सके।

Instagram

Facebook

Janta Voice Times

Janta Voice Times All India News

Trending

Copyright © 2025 Janta Voice Times. * All Rights Reserved. *