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उत्तराखंड

बदरीनाथ मंदिर दान विवाद: समिति के निलंबित कर्मचारी नौटियाल को ‘अनियमितताओं’ के आरोप में गिरफ्तार किया गया

उत्तराखंड पुलिस ने बद्रीनाथ मंदिर में दान के संचालन में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में मंदिर समिति के पूर्व कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया है।

चमोली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि नौटियाल को चमोली पुलिस ने रविवार रात यहां उसके आवास से गिरफ्तार किया और उसे बद्रीनाथ ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।

नौटियाल श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) का निलंबित कर्मचारी है।

पंवार ने पीटीआई-भाषा को बताया कि मंदिर समिति के अधिकारी युद्धवीर फरस्वान की शिकायत के आधार पर 8 जुलाई को बद्रीनाथ पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में नौटियाल पर मंदिर के प्रसाद के गबन का आरोप लगाया गया है।

एसएसपी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि नौटियाल कथित तौर पर कुछ सामान और नकदी ले गया और इन सबूतों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने बताया कि बीकेटीसी अध्यक्ष के निजी सहायक के रूप में काम करने वाले नौटियाल के खिलाफ मंगलवार देर रात प्राथमिकी दर्ज की गई।

बीकेटीसी की चार सदस्यीय जांच समिति ने नौटियाल के खिलाफ चंदा प्रबंधन में अनियमितताओं के आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया था।

बीकेटीसी एक वैधानिक निकाय है जो उत्तराखंड में बद्रीनाथ मंदिर और अन्य मंदिरों का प्रबंधन करता है।

नौटियाल की गिरफ्तारी के बाद सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने जांच पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि गिरफ्तार कर्मचारी पर किसी अन्य व्यक्ति का नाम नहीं लेने का दबाव डाला जा रहा है।

गोदियाल ने कहा कि जब तक बीकेटीसी अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती और उन्हें उनके पद से नहीं हटाया जाता, तब तक जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे का कथित गबन एक गंभीर पाप है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी अपराधी को संरक्षण नहीं देगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी, उन्होंने कहा कि नौटियाल की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि सरकार निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है।

उन्होंने मांग की कि जांच में पहचाने गए किसी भी अन्य अपराधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

उत्तराखंड सरकार ने आरोपों की जांच के लिए पिछले सप्ताह तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था।

गढ़वाल मंडल आयुक्त समिति के अध्यक्ष हैं, जो अपने निष्कर्ष और सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगी।

बद्रीनाथ मंदिर में दान की गिनती के दौरान अनियमितताओं के आरोप सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित हुआ। इसके बाद ‘वीर सेना’ नाम के एक संगठन ने शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।

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