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उत्तर प्रदेश

सीमावर्ती और वंचित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सीमावर्ती और वंचित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार के लिए सीमावर्ती और वंचित क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार दूरदराज़ और उपेक्षित इलाकों तक आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर और सुनियोजित प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यह बातें श्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के छठे संस्करण के अवसर पर अपने वीडियो संदेश में कहीं। यह स्वास्थ्य सेवा यात्रा भारत-नेपाल सीमा से लगे जिलों में बड़े पैमाने पर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण पहल है।


“जनकल्याण और जनसेवा को समर्पित है यह यात्रा”

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा जनकल्याण, जनसेवा और सामाजिक चेतना का संदेश लेकर सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और बीमारियों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान देती है।

महायोगी गुरु गोरखनाथ से प्रेरणा लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान “सब का कल्याण, सब का उत्थान” के विचार को धरातल पर उतारने का प्रयास है।


भारत-नेपाल सीमा के 7 जिलों में 3 दिवसीय अभियान

यह तीन दिवसीय स्वास्थ्य अभियान नेशनल मेडिकोज़ ऑर्गनाइजेशन द्वारा श्री गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास और अन्य सामाजिक संगठनों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

यह अभियान भारत-नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के सात जिलों में संचालित हो रहा है, जिनमें शामिल हैं:

  • सिद्धार्थनगर

  • महाराजगंज

  • बलरामपुर

  • श्रावस्ती

  • बहराइच

  • लखीमपुर खीरी

  • पीलीभीत

इन जिलों में बड़ी संख्या में ऐसे गांव हैं, जहां स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित रही हैं और आदिवासी व वनवासी समुदाय निवास करते हैं।


थारू और वनवासी समुदायों पर विशेष फोकस

अधिकारियों के अनुसार, इस स्वास्थ्य सेवा यात्रा का विशेष फोकस थारू और वनवासी समुदायों पर है, जो लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से जूझते रहे हैं। दूरस्थ और आदिवासी बहुल गांवों में:

  • निःशुल्क चिकित्सीय परामर्श

  • मुफ्त दवाइयों का वितरण

  • जांच और डायग्नोस्टिक सेवाएं

  • पोषण, स्वच्छता और रोग-निवारण पर जागरूकता

जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


1,000 से अधिक डॉक्टर, 3 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य

इस व्यापक अभियान में 1,000 से अधिक डॉक्टर भाग ले रहे हैं। आयोजन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इस स्वास्थ्य सेवा यात्रा के माध्यम से 3 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

पहले ही दिन यह अभियान बेहद सफल रहा, जब 70,000 से अधिक लोगों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं। इसमें बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष परामर्श और जांच की व्यवस्था की गई।


इलाज से आगे: रोकथाम और जागरूकता पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में एक समग्र स्वास्थ्य मॉडल पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार की स्वास्थ्य नीति केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शामिल हैं:

  • रोगों की रोकथाम

  • जन-जागरूकता

  • समयबद्ध रणनीतियां

  • मजबूत स्वास्थ्य अवसंरचना

मुख्यमंत्री ने एन्सेफलाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों के नियंत्रण का उल्लेख करते हुए कहा कि टीकाकरण, समय पर इलाज और जनभागीदारी से प्रदेश ने इस बीमारी पर काफी हद तक काबू पाया है।


वनवासी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल

मुख्यमंत्री ने समावेशी विकास पर जोर देते हुए कहा कि वर्ष 2017 के बाद राज्य सरकार ने वनवासी बस्तियों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया। इससे इन क्षेत्रों को सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच मिली।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि कोई भी नागरिक स्वास्थ्य और सुविधा के अभाव में पीछे न रह जाए।


स्वास्थ्य शिविरों में पोषण और महिला स्वास्थ्य पर विशेष चर्चा

नेशनल मेडिकोज़ ऑर्गनाइजेशन के अवध प्रांत के महासचिव डॉ. शिवम मिश्रा ने बताया कि सभी जिलों में बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में:

  • मुफ्त स्वास्थ्य जांच

  • दवाइयों का वितरण

  • पोषण संबंधी सलाह

  • मासिक धर्म स्वच्छता पर परामर्श

  • जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम

जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।


8 फरवरी को लगेगा मेगा हेल्थ फेयर

स्वास्थ्य सेवा यात्रा का समापन 8 फरवरी को प्रत्येक जिले में आयोजित होने वाले मेगा हेल्थ फेयर के साथ होगा। इन मेलों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, जांच सुविधाएं और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम एक साथ आयोजित किए जाएंगे।


निष्कर्ष: सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य का नया भरोसा

श्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा उत्तर प्रदेश सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके तहत सीमावर्ती, आदिवासी और वंचित क्षेत्रों को स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत कवच देने का प्रयास किया जा रहा है।

यह पहल न केवल बीमारियों के इलाज का माध्यम बन रही है, बल्कि लोगों में स्वस्थ जीवनशैली, जागरूकता और भरोसे की भावना भी विकसित कर रही है।

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