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बिहार-झारखंड

अधिक खरीद सुनिश्चित करने के लिए केंद्र से आग्रह, किसानों और उद्योग को मिलेगा लाभ

🌾 बिहार में एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने की मांग

अधिक खरीद सुनिश्चित करने के लिए केंद्र से आग्रह, किसानों और उद्योग को मिलेगा लाभ

पटना से एक महत्वपूर्ण आर्थिक और कृषि से जुड़ी खबर सामने आई है। बिहार के उपमुख्यमंत्री और राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने एथेनॉल की खरीद बढ़ाने की जोरदार मांग की है। सरकार का कहना है कि बिहार में गन्ना और मक्का से बड़े पैमाने पर एथेनॉल उत्पादन की क्षमता है, लेकिन पर्याप्त खरीद नहीं होने से उद्योग को अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही है।

राज्य सरकार ने केंद्र से आग्रह किया है कि बिहार में उत्पादित एथेनॉल की अधिक मात्रा में खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों और स्थानीय उद्योगों को सीधा लाभ मिल सके।


🌽 गन्ना और मक्का से एथेनॉल उत्पादन

बिहार कृषि प्रधान राज्य है, जहां बड़ी मात्रा में गन्ना और मक्का की खेती होती है। एथेनॉल उत्पादन के लिए ये दोनों फसलें महत्वपूर्ण कच्चा माल मानी जाती हैं। सरकार का मानना है कि यदि एथेनॉल की खरीद बढ़ाई जाती है, तो किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा।

अधिकारियों के अनुसार, राज्य में कई एथेनॉल संयंत्र पहले से संचालित हैं और कुछ नए प्रोजेक्ट भी प्रस्तावित हैं। यदि केंद्र सरकार खरीद लक्ष्य बढ़ाती है, तो इन संयंत्रों की उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग किया जा सकेगा।


📈 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा

सरकार का कहना है कि एथेनॉल उद्योग के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और कृषि आधारित उद्योगों को नई दिशा मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल उत्पादन से परिवहन लागत कम होती है और फसलों की अतिरिक्त पैदावार का बेहतर उपयोग संभव होता है। इससे कृषि क्षेत्र में स्थिरता आती है।


🌍 स्वच्छ ईंधन की दिशा में कदम

भारत सरकार पहले ही पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण (ब्लेंडिंग) को बढ़ावा दे रही है, जिससे आयातित तेल पर निर्भरता कम हो और पर्यावरण को भी लाभ मिले। बिहार सरकार का तर्क है कि राज्य इस राष्ट्रीय लक्ष्य में अहम भूमिका निभा सकता है।

यदि एथेनॉल की खरीद बढ़ती है, तो यह न केवल किसानों के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि देश की स्वच्छ ऊर्जा नीति को भी मजबूती देगा।


🏭 उद्योगों के लिए अवसर

राज्य में एथेनॉल आधारित उद्योगों के विस्तार से निवेश को भी बढ़ावा मिल सकता है। नए संयंत्र लगने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

सरकार का कहना है कि वह निवेशकों को प्रोत्साहन देने और आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।


📌 निष्कर्ष

बिहार में एथेनॉल की अधिक खरीद की मांग केवल एक आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि किसानों की आय, ग्रामीण रोजगार और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य से जुड़ा हुआ है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है और आने वाले समय में राज्य के एथेनॉल उद्योग को कितनी मजबूती मिलती है।

यदि यह पहल सफल होती है, तो बिहार कृषि आधारित उद्योगों के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर सकता है।

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