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उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर एक बार फिर तीखा बयान दिया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर एक बार फिर तीखा बयान दिया है।

कोलकाता के जोरासांको विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सत्तारूढ़ Trinamool Congress (TMC) पर जमकर निशाना साधा।

अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “बंगाल की पहचान काबा से नहीं, माँ कालीबाड़ी से है,” और इस बयान के साथ उन्होंने सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोरासांको क्षेत्र की जनता के समर्थन को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि यहां की जनता-जनार्दन का प्रचंड समर्थन इस बात का संकेत है कि वे राज्य की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि यह जनसमर्थन केवल एक चुनावी लहर नहीं, बल्कि बदलाव की स्पष्ट इच्छा को दर्शाता है। योगी ने अपने संबोधन में बंगाल की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक पहचान और ऐतिहासिक गौरव का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य को उसकी मूल पहचान से दूर करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी।

उन्होंने Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली सरकार पर भी अप्रत्यक्ष हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान शासन में भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हुई है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बंगाल की जनता अब इन मुद्दों से त्रस्त हो चुकी है और बदलाव के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में राज्य में राजनीतिक समीकरण बदलेंगे और जनता एक मजबूत विकल्प को समर्थन देगी।

जोरासांको, जो कोलकाता का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है, वहां की जनसभा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को भाजपा के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के अंत में जोरासांको वासियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह समर्थन भविष्य में बड़े राजनीतिक परिवर्तन की नींव रखेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ के इस बयान का असर आगामी चुनावी रणनीतियों पर पड़ सकता है। एक ओर जहां भाजपा बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर TMC भी अपने जनाधार को बनाए रखने के लिए सक्रिय है। ऐसे में इस तरह के बयान राज्य की राजनीति को और अधिक गरमा सकते हैं।

कुल मिलाकर, योगी आदित्यनाथ का यह दौरा और उनका बयान पश्चिम बंगाल की राजनीतिक सरगर्मियों को तेज करने वाला साबित हो रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बयानबाजी का चुनावी परिणामों पर कितना असर पड़ता है।

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