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मधुबनी में ट्रेन का कोच जला, मुजफ्फरपुर जंक्शन पर आरपीएफ ने बढ़ाई सख्त निगरानी

रेलवे यार्ड व स्टेबलिंग लाइन में खड़ी ट्रेनों में लगातार आगजनी की घटनाएं अब रेलवे प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

गुरुवार भोर साढ़े तीन बजे मधुबनी स्टेशन पर खड़े खाली रैक के एक कोच में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रेल अधिकारियों के साथ सुरक्षा विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि इस तरह की घटनाएं केवल तकनीकी खराबी तक सीमित नहीं हैं, सुरक्षा मानकों में लापरवाही व असामाजिक तत्वों की सक्रियता भी इसके पीछे बड़ा कारण हो सकती है।

डीआरएम समस्तीपुर ज्योति प्रकाश मिश्रा ने कहा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि चलती ट्रेनों में आग लगने के पीछे शार्ट सर्किट, हाट एक्सल, वायरिंग फाल्ट या अन्य तकनीकी कारण सामने आते रहे हैं, लेकिन यार्ड या स्टेबलिंग लाइन में खड़े डिस्कनेक्टेड रैक के किसी एक कोच में अचानक आग लगना सामान्य घटना नहीं मानी जा सकती।

ऐसे मामलों में कई बार मानवीय लापरवाही व सुरक्षा में चूक भी सामने आती है। यार्ड में खड़ी ट्रेनों के कोचों की खिड़कियां, इमरजेंसी गेट व दरवाजे कई बार सही तरीके से बंद नहीं किए जाते। इसका फायदा उठाकर असामाजिक तत्व आसानी से कोच के अंदर प्रवेश कर जाते है।

कोचों को जोड़ने वाली फाल-प्लेट को उठाकर भी अंदर घुस जाते हैं। ऐसे में अगर कोई ज्वलनशील पदार्थ डाल दे या आग लगा दे तो पूरी बोगी आग की चपेट में आ जाएगी। इस पर मंथन शुरू हो गया है।

फाल-प्लेट को इस तरह सुरक्षित करने की योजना बनाई जा रही कि उसे उठाकर कोई अंदर प्रवेश न कर सके। साथ ही सभी कोचों के लाकिंग सिस्टम, दरवाजे व खिड़कियों की नियमित जांच पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा यार्ड क्षेत्रों में आरपीएफ की गश्त बढ़ाने, सीसी कैमरे से निगरानी मजबूत करने व रात में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की भी योजना बनाई जा रही है।

बता दें कि मधुबनी रेलवे स्टेशन पर घटना के बाद पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल सहित सभी पांचों मंडलों में स्टेशन, यार्ड व स्टेबलिंग लाइन पर खड़ी ट्रेनों की विशेष जांच शुरू कर दी गई है।

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), जीआरपी, परिचालन विभाग, कोचिंग डिपो व अन्य रेल अधिकारियों की टीमों ने विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी ट्रेनों की गहन जांच की।

डीआरएम समस्तीपुर के निर्देश पर सभी मंडलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने का आदेश दिया है। मुजफ्फरपुर जंक्शन पर एरिया अफसर रविशंकर महतो के नेतृत्व में जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान आरपीएफ इंस्पेक्टर मनीष कुमार सभी जगहों की जांच की गई। आरपीएफ जवानों की तीनों शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल नजर रखी जा सके।

मधुबनी अग्निकांड की आलाधिकारियों ने की जांच

मुजफ्फरपुर : मधुबनी स्टेशन पर खाली कोच में लगी आग की घटना की सूचना के बाद पूर्व मध्य रेल के कई बड़े अधिकारी विशेष सैलून ट्रेन से मधुबनी पहुंचे। आरपीएफ आइजी समेत रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

अधिकारियों के आगमन को लेकर मुजफ्फरपुर जंक्शन पर दिनभर सतर्कता रही। एरिया आफिसर के नेतृत्व में आरपीएफ व रेलवे कर्मी पूरी तरह मुस्तैद दिखे।

विशेष सैलून में पूर्व मध्य रेल के पीसीएसओ, पीसीएससी, पीसीएमई, पीसीइइ व सीसीएम यात्री सेवा सहित अन्य अधिकारी थे। अधिकारियों ने आग लगने के कारणों व सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।

निरीक्षण के बाद सभी अधिकारी शाम को वहां से हाजीपुर के लिए लौट गए। हालांकि उनका मुजफ्फरपुर जंक्शन पर ठहराव नहीं हुआ, लेकिन स्टेशन परिसर में सुरक्षा व निगरानी कड़ी व्यवस्था रही।

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