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उत्तर प्रदेश

डिजिटल भविष्य की ओर बड़ा कदम: उत्तर प्रदेश में ‘AI मिशन’ के लिए ₹225 करोड़ का बजटीय प्रावधान

डिजिटल भविष्य की ओर बड़ा कदम: उत्तर प्रदेश में ‘AI मिशन’ के लिए ₹225 करोड़ का बजटीय प्रावधान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से यूपी बनेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी का नया केंद्र

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को डिजिटल और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। सरकार ने UP AI Mission के लिए ₹225 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार से जोड़कर आम लोगों के जीवन को आसान बनाना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब केवल पारंपरिक विकास तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि भविष्य की तकनीकों को अपनाकर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने की तैयारी कर रहा है।

AI मिशन: केवल तकनीक नहीं, एक नई सोच

UP AI Mission को सरकार केवल एक तकनीकी परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि शासन में बदलाव की सोच के रूप में देख रही है। इस मिशन के ज़रिए सरकारी सेवाओं को तेज़, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने की योजना है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, AI का उपयोग इन क्षेत्रों में किया जाएगा:

स्वास्थ्य सेवाओं में रोगों की शुरुआती पहचान

शिक्षा में पर्सनलाइज़्ड लर्निंग सिस्टम

पुलिस और कानून-व्यवस्था में डेटा एनालिटिक्स

सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन

ट्रैफिक और शहरी प्रबंधन

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,

“AI का सही उपयोग प्रशासन को जनता के और करीब लाएगा।”

स्वास्थ्य और शिक्षा को मिलेगा तकनीकी सहारा

AI मिशन का सबसे बड़ा लाभ स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में देखने को मिल सकता है।

स्वास्थ्य सेवाओं में AI आधारित सिस्टम से:

बीमारियों की समय रहते पहचान

अस्पतालों में भीड़ प्रबंधन

ग्रामीण इलाकों में टेली-मेडिसिन

को बढ़ावा मिलेगा।

वहीं शिक्षा में AI आधारित प्लेटफॉर्म से छात्रों की सीखने की क्षमता के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार किए जा सकेंगे, जिससे सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर

UP AI Mission को युवाओं के लिए रोज़गार और स्टार्टअप अवसरों से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में AI और टेक्नोलॉजी से जुड़े स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिले और युवाओं को बाहर जाने की मजबूरी न रहे।

एक इंजीनियरिंग छात्र ने कहा,

“अगर यूपी में ही AI से जुड़े मौके मिलेंगे, तो हम यहीं रहकर काम करना चाहेंगे।”

सरकार की योजना है कि विश्वविद्यालयों, रिसर्च संस्थानों और निजी कंपनियों के साथ मिलकर AI स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किए जाएँ।

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा में AI की भूमिका

AI मिशन का एक अहम पहलू सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से भी जुड़ा है।

AI आधारित निगरानी प्रणाली से:

अपराध के पैटर्न की पहचान

संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी

तेज़ और सटीक कार्रवाई

संभव हो सकेगी। इससे पुलिस प्रशासन को आधुनिक और डेटा-संचालित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

डिजिटल यूपी की ओर बढ़ता कदम

उत्तर प्रदेश पहले ही ई-गवर्नेंस, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं में कई कदम उठा चुका है। AI मिशन इन प्रयासों को एक नई ऊँचाई देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मिशन का क्रियान्वयन सही ढंग से हुआ, तो

“यूपी देश के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का नेतृत्व कर सकता है।”

चुनौतियाँ और ज़िम्मेदारी

हालाँकि यह योजना महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि:

तकनीकी संसाधनों का सही उपयोग हो

डेटा सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की जाए

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल अंतर कम किया जाए

विशेषज्ञों का कहना है कि AI के साथ मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखना भी उतना ही ज़रूरी है।

निष्कर्ष

₹225 करोड़ के बजटीय प्रावधान के साथ शुरू किया गया UP AI Mission उत्तर प्रदेश के डिजिटल भविष्य की नींव रख सकता है। यह मिशन न केवल शासन को आधुनिक बनाएगा, बल्कि युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों के लिए नए अवसर भी खोलेगा।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह मिशन काग़ज़ों से निकलकर ज़मीन पर कितनी तेजी और प्रभावशीलता से उतरता है। यदि ऐसा हुआ, तो उत्तर प्रदेश तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकता है।

उत्तर प्रदेश से जुड़ी ऐसी ही भरोसेमंद, ज़मीनी और ताज़ा खबरों के लिए पढ़ते रहें

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