विधानसभा के बजट सत्र में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सरकार का विजन और विकास संकल्प किया स्पष्ट
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र (वित्तीय वर्ष 2026-27) के पाँचवें कार्यदिवस पर दिनांक 13 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन की कार्यवाही में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने माननीय राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में भाग लेते हुए सरकार का विजन विस्तार से सदन के समक्ष रखा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने के साथ-साथ सामाजिक न्याय और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।
विकास के संकल्प को दोहराया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2026-27 का बजट प्रदेश के बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने, निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण सड़कों, एक्सप्रेस-वे, मेडिकल कॉलेजों, सिंचाई परियोजनाओं और औद्योगिक कॉरिडोर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि समयबद्ध तरीके से योजनाओं को धरातल पर उतारती है।
निवेश और उद्योग को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज निवेश के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद गंतव्य के रूप में उभरा है। औद्योगिक नीतियों में पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था में सुधार के कारण देश-विदेश के निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।
उन्होंने बताया कि हालिया निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे, जिससे युवाओं को अपने ही राज्य में अवसर मिलेंगे।
कानून-व्यवस्था और सुशासन
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई से प्रदेश में बेहतर माहौल बना है, जो विकास के लिए आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
सामाजिक कल्याण योजनाएं
मुख्यमंत्री ने गरीबों के लिए आवास, किसानों के लिए आर्थिक सहायता, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं के कौशल विकास कार्यक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बजट में इन योजनाओं को और मजबूती देने के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।
विपक्ष को जवाब
धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि लोकतंत्र में रचनात्मक आलोचना का स्वागत है, लेकिन विकास कार्यों में राजनीति से ऊपर उठकर सोचने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का स्पष्ट खाका प्रस्तुत किया गया है, जिसे धरातल पर उतारने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
निष्कर्ष
दिनांक 13 फरवरी 2026 को विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति और उनका विस्तृत संबोधन आगामी वित्तीय वर्ष के लिए सरकार की दिशा और दृष्टि को स्पष्ट करता है। विकास के संकल्प, निवेश को बढ़ावा, कानून-व्यवस्था की मजबूती और सुशासन की प्रतिबद्धता को उन्होंने एक बार फिर सदन के समक्ष दृढ़ता से रखा।
अब प्रदेश की जनता की नजर इस बात पर है कि बजट में घोषित योजनाएं कितनी प्रभावी और समयबद्ध तरीके से लागू होती हैं।