Connect with us

मध्य प्रदेश

MP विधानसभा बजट सत्र का आठवां दिन: बिजली कटौती और जनहित के मुद्दों पर गरमाई बहस

MP विधानसभा बजट सत्र का आठवां दिन: बिजली कटौती और जनहित के मुद्दों पर गरमाई बहस

भोपाल, 25 फरवरी 2026।
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज आठवें दिन भी जारी रहा। राजधानी भोपाल में चल रहे इस सत्र के दौरान राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। सदन में आज विशेष रूप से बिजली कटौती, किसानों की समस्याएं, शहरी विकास और रोजगार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

बिजली कटौती बना मुख्य मुद्दा

आज के सत्र में विपक्ष ने राज्य के कई जिलों में हो रही बिजली कटौती का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। विपक्षी विधायकों का आरोप है कि लगातार बिजली बाधित होने से आम जनता, किसान और छोटे व्यवसायी परेशान हैं।

विपक्ष ने सरकार से सवाल किया कि जब गर्मी का मौसम नजदीक है, तो बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

इस पर ऊर्जा विभाग की ओर से जवाब देते हुए सरकार ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में तकनीकी कारणों और रखरखाव कार्य के चलते अस्थायी कटौती की गई थी। सरकार ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही स्थिति सामान्य कर दी जाएगी और बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए नई योजनाएं लागू की जा रही हैं।

बजट प्रावधानों पर चर्चा

बजट सत्र के दौरान विभिन्न विभागों के लिए प्रस्तावित बजट पर भी विस्तार से चर्चा हुई। शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया गया।

सरकार का कहना है कि इस वर्ष का बजट विकास केंद्रित है और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के संतुलित विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वहीं विपक्ष ने कुछ प्रावधानों को अपर्याप्त बताते हुए संशोधन की मांग की।

किसानों और युवाओं के मुद्दे

सदन में किसानों की आय, फसल बीमा और समर्थन मूल्य को लेकर भी बहस हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है।

इसके साथ ही युवाओं के रोजगार और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर भी चर्चा हुई। सरकार ने कहा कि राज्य में नई भर्तियों की प्रक्रिया तेज की जा रही है और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

राजनीतिक माहौल गरमाया

सत्र के दौरान कुछ मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। अध्यक्ष को कई बार हस्तक्षेप कर व्यवस्था बनाए रखने की अपील करनी पड़ी। हालांकि, दिन के अंत तक चर्चा व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ी।

आगे की कार्यवाही

विधानसभा का बजट सत्र आगामी दिनों में भी जारी रहेगा। आने वाले सत्रों में अन्य विभागों के बजट और नीतिगत प्रस्तावों पर चर्चा होनी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट सत्र के दौरान उठे मुद्दे आगामी समय में प्रदेश की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

Instagram

Facebook

Janta Voice Times

Janta Voice Times All India News

Trending