पंजाब
मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र का पालासौर गाँव बना विकास की मिसाल
मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र का पालासौर गाँव बना विकास की मिसाल
सीसीटीवी सुरक्षा, डिजिटल कक्षाएँ, आधुनिक पुस्तकालय और बेहतर सड़कों से बदली गाँव की तस्वीर
पंजाब के संगरूर ज़िले में स्थित पालासौर गाँव आज पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन चुका है। यह वही गाँव है जो मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र धूरी में आता है। कभी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझने वाला यह गाँव अब “मॉडल विलेज” के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ सुरक्षा, शिक्षा, स्वच्छता और बुनियादी ढाँचे पर विशेष ध्यान दिया गया है।
गाँव की गलियों में अब बदलाव साफ़ नज़र आता है। जहाँ पहले अंधेरा, टूटी सड़कें और सीमित सुविधाएँ थीं, वहीं आज सीसीटीवी कैमरे, डिजिटल क्लासरूम, आधुनिक लाइब्रेरी, नए शौचालय, और बेहतर सड़कें ग्रामीण जीवन को एक नई दिशा दे रही हैं। यह परिवर्तन केवल इमारतों और सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की सोच, आत्मविश्वास और भविष्य की उम्मीदों में भी साफ झलकता है।
मुख्यमंत्री के क्षेत्र में विकास को मिली नई गति
पालासौर गाँव मुख्यमंत्री भगवंत मान के अपने निर्वाचन क्षेत्र में आता है, और यही कारण है कि इस गाँव को एक आदर्श गाँव (Model Village) के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई। सरकार का उद्देश्य था कि विकास सिर्फ़ शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गाँव भी आधुनिक सुविधाओं से लैस हों।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के तहत लगभग 3.4 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था, शिक्षा सुधार, स्वच्छता, और बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करना शामिल है।
सीसीटीवी कैमरों से बढ़ी सुरक्षा, अपराध पर लगेगी लगाम
गाँव में सबसे बड़ा और अहम बदलाव सीसीटीवी निगरानी प्रणाली का लगाया जाना है। अब गाँव के मुख्य रास्तों, चौकों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं।
गाँव के बुज़ुर्गों का कहना है कि
“पहले शाम के समय डर का माहौल रहता था, लेकिन अब कैमरे लगने के बाद सुरक्षा का एहसास हुआ है।”
महिलाओं और बुज़ुर्गों के लिए यह पहल बेहद राहत भरी है। इससे न सिर्फ़ अपराध पर नियंत्रण होगा, बल्कि पुलिस प्रशासन को भी निगरानी में मदद मिलेगी।
डिजिटल क्लासरूम से बदलेगी ग्रामीण शिक्षा की तस्वीर
पालासौर गाँव के सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम की शुरुआत की गई है। अब बच्चों को स्मार्ट बोर्ड, प्रोजेक्टर और डिजिटल कंटेंट के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि
“डिजिटल पढ़ाई से बच्चों की रुचि बढ़ी है। अब वे किताबों के साथ-साथ वीडियो और चित्रों के ज़रिये भी सीख पा रहे हैं।”
ग्रामीण बच्चों को अब वही तकनीकी शिक्षा मिल रही है, जो शहरों के महंगे निजी स्कूलों में उपलब्ध होती है। इससे भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं और तकनीकी क्षेत्र में बच्चों की पकड़ मज़बूत होगी।
आधुनिक लाइब्रेरी से ज्ञान की नई रोशनी
गाँव में आधुनिक पुस्तकालय (Library) का निर्माण किया गया है, जिसमें प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान, साहित्य और बच्चों की किताबें उपलब्ध कराई गई हैं।
यह लाइब्रेरी उन छात्रों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो आर्थिक कारणों से शहर जाकर कोचिंग या लाइब्रेरी जॉइन नहीं कर पाते थे।
एक छात्र ने बताया,
“अब हमें पढ़ने के लिए शहर नहीं जाना पड़ता। गाँव में ही सारी सुविधाएँ मिल रही हैं।”
स्वच्छता पर विशेष ध्यान, नए शौचालयों का निर्माण
पालासौर गाँव में नए और स्वच्छ शौचालयों का निर्माण भी किया गया है। इससे खुले में शौच की समस्या पर काफी हद तक रोक लगी है।
महिलाओं के लिए यह सुविधा बेहद महत्वपूर्ण है। स्वच्छता के साथ-साथ स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिल रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि गाँव पूरी तरह से स्वच्छ और स्वास्थ्य-सुरक्षित बने।
सड़कें और आधारभूत ढाँचा भी मजबूत
गाँव की सड़कों का भी कायाकल्प किया गया है। नई पक्की सड़कों से आवागमन आसान हुआ है। अब स्कूल, अस्पताल और बाज़ार तक पहुँचना पहले से कहीं ज़्यादा सरल हो गया है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि
“अच्छी सड़कें बनने से व्यापार भी बढ़ा है और बाहर से लोग गाँव आने लगे हैं।”
लोगों की भागीदारी से सफल हो रहा मॉडल विलेज सपना
पालासौर गाँव की इस सफलता के पीछे सिर्फ़ सरकार नहीं, बल्कि गाँव के लोगों की भागीदारी भी अहम है। ग्रामीणों ने विकास कार्यों में सहयोग दिया और सरकारी योजनाओं को अपनाया।
सरकार का मानना है कि यदि यही मॉडल पूरे पंजाब के अन्य गाँवों में लागू किया जाए, तो ग्रामीण विकास की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
राज्य के लिए बनेगा उदाहरण
पालासौर गाँव अब केवल एक गाँव नहीं, बल्कि पूरे पंजाब के लिए एक उदाहरण बन चुका है। यह दिखाता है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो गाँवों को भी आधुनिक और सुरक्षित बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की इस पहल को आने वाले समय में अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी लागू किए जाने की संभावना है।
निष्कर्ष
पालासौर गाँव का यह परिवर्तन साबित करता है कि विकास केवल कागज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीन पर भी दिख सकता है। सीसीटीवी सुरक्षा, डिजिटल शिक्षा, पुस्तकालय, स्वच्छता और बेहतर सड़कों ने इस गाँव को एक नई पहचान दी है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि यह विकास आगे भी जारी रहेगा और उनका गाँव आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर स्थान बनेगा।
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