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पंजाब के राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह सहनी ने केंद्र से की RDF जारी करने की मांग, कहा—कृषि और ग्रामीण विकास को तुरंत मिले सहारा

पंजाब के राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह सहनी ने केंद्र से की RDF जारी करने की मांग, कहा—कृषि और ग्रामीण विकास को तुरंत मिले सहारा

चंडीगढ़, 14 फरवरी।
पंजाब की आर्थिक और कृषि स्थिति को लेकर एक बार फिर केंद्र और राज्य के बीच संसाधनों के मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। पंजाब के राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह सहनी ने केंद्र सरकार से अपील की है कि राज्य के लिए लंबित रूरल डेवलपमेंट फंड (RDF) को जल्द से जल्द जारी किया जाए। उनका कहना है कि यह फंड केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि पंजाब के किसानों और ग्रामीण ढांचे के लिए जीवनरेखा है।

क्या है RDF और क्यों है अहम?

रूरल डेवलपमेंट फंड (RDF) वह कोष है जो मुख्य रूप से कृषि उपज मंडियों में खरीदी पर लगने वाले शुल्क से एकत्रित किया जाता है। इस राशि का उपयोग ग्रामीण सड़कों के निर्माण, मंडी बुनियादी ढांचे के विकास, सिंचाई व्यवस्था में सुधार और गांवों में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाता है।

सांसद सहनी ने कहा कि पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में RDF का महत्व और भी अधिक है, क्योंकि यहां की बड़ी आबादी खेती और उससे जुड़े व्यवसायों पर निर्भर है।

सांसद की मांग का कारण

विक्रमजीत सिंह सहनी ने अपने बयान में कहा कि RDF की लंबित राशि के कारण कई विकास परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीण सड़कों के निर्माण और मरम्मत का काम धीमा पड़ गया है, जिससे किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर किसानों और ग्रामीण जनता के हित में जल्द फैसला लिया जाए।

किसानों की उम्मीदें

पंजाब के किसान संगठनों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अगर RDF समय पर जारी नहीं होता, तो इसका सीधा असर खेती की लागत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

गांवों में रहने वाले लोगों का मानना है कि बेहतर सड़क और बुनियादी ढांचा मिलने से न केवल खेती बल्कि छोटे उद्योग और व्यापार को भी लाभ होगा।

ग्रामीण विकास परियोजनाओं पर असर

सूत्रों के अनुसार, राज्य में कई परियोजनाएं RDF के अभाव में अधूरी पड़ी हैं। इनमें मंडियों का आधुनिकीकरण, गांवों में पक्की सड़कों का निर्माण और जल निकासी व्यवस्था में सुधार जैसे कार्य शामिल हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र पर आधारित है, इसलिए RDF का समय पर मिलना बेहद जरूरी है।

राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सहनी की यह मांग केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है। राज्य और केंद्र के बीच वित्तीय संसाधनों को लेकर पहले भी कई बार मतभेद सामने आ चुके हैं।

हालांकि सांसद ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि राज्य के हितों की रक्षा करना है।

केंद्र की प्रतिक्रिया का इंतजार

अब सभी की नजरें केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। अगर RDF जल्द जारी होता है, तो राज्य सरकार को कई रुकी हुई परियोजनाओं को फिर से गति देने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि और ग्रामीण विकास में निवेश का सीधा असर राज्य की समग्र आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। ऐसे में यह मुद्दा केवल पंजाब का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर कृषि नीति से जुड़ा मामला भी है।

आगे की राह

सांसद सहनी ने संकेत दिया है कि अगर आवश्यकता पड़ी तो वे इस मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीण जनता के हित सर्वोपरि हैं और उनके अधिकारों के लिए वे हर मंच पर आवाज उठाते रहेंगे।


निष्कर्ष

पंजाब के राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह सहनी द्वारा RDF जारी करने की मांग ने एक बार फिर कृषि और ग्रामीण विकास के मुद्दे को राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है। अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार इस पर कितनी जल्दी और सकारात्मक प्रतिक्रिया देती है।

राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और किसानों को राहत पहुंचाने के लिए RDF का समय पर मिलना बेहद जरूरी माना जा रहा है। पंजाब के गांवों और खेतों की नजर अब केंद्र के अगले कदम पर टिकी है।

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