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स्पेन सरकार का बड़ा फैसला: अवैध रूप से रह रहे लाखों प्रवासियों को मिलेगा कानूनी दर्जा
स्पेन सरकार का बड़ा फैसला: अवैध रूप से रह रहे लाखों प्रवासियों को मिलेगा कानूनी दर्जा
बार्सिलोना, स्पेन | एजेंसी
स्पेन सरकार ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक और दूरगामी फैसला लेते हुए घोषणा की कि देश में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे और काम कर रहे लाखों प्रवासियों को कानूनी दर्जा दिया जाएगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिका और यूरोप के कई देशों में सख्त और कठोर आव्रजन नीतियां लागू की जा रही हैं।
स्पेन की प्रवासन मंत्री एल्मा साइज (Elma Saiz) ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार आव्रजन कानूनों में संशोधन के लिए एक त्वरित डिक्री (Decree) लागू करेगी। इसके जरिए संसद में लंबित पड़े विधेयक को दरकिनार करते हुए यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू किया जाएगा।
इस फैसले के तहत पात्र प्रवासियों को एक वर्ष तक का कानूनी निवास (रेजिडेंसी) और काम करने की अनुमति दी जाएगी।
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कठोर नीतियों के उलट स्पेन का मानवीय रुख
जहां एक ओर अमेरिका और यूरोप के कई देशों में आव्रजन और शरण नीतियों को और सख्त किया जा रहा है—जिसे कई विश्लेषक पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से प्रेरित मानते हैं—वहीं स्पेन ने इसके ठीक उलट रास्ता अपनाया है।
प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ और उनकी सरकार लगातार यह कहते आए हैं कि कानूनी प्रवासन देश की अर्थव्यवस्था और बुजुर्ग होती आबादी के लिए फायदेमंद है।
प्रवासन मंत्री एल्मा साइज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
“स्पेन अब दूसरी तरफ देखने वाला देश नहीं रहेगा। हम उन लोगों को गरिमा और सम्मान दे रहे हैं, जो पहले से ही हमारे देश में रहकर काम कर रहे हैं और समाज में योगदान दे रहे हैं।”
कितने लोगों को मिलेगा फायदा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस फैसले से करीब 5 लाख (500,000) प्रवासियों को सीधा लाभ मिल सकता है, जो फिलहाल बिना वैध अनुमति के स्पेन में रह रहे हैं।
वहीं, सामाजिक संगठनों का दावा है कि यह संख्या 8 लाख तक हो सकती है। ये प्रवासी मुख्य रूप से:
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लैटिन अमेरिकी देशों
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अफ्रीकी देशों
से आए हैं और स्पेन की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जैसे:
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कृषि क्षेत्र
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पर्यटन उद्योग
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सेवा क्षेत्र
पात्रता की शर्तें
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार:
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प्रवासी का 31 दिसंबर 2025 से पहले स्पेन में आना अनिवार्य होगा
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कम से कम पांच महीने से स्पेन में रहना साबित करना होगा
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किसी भी प्रकार का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए
एल्मा साइज ने बताया कि पात्र लोग अप्रैल से जून के अंत तक अपने कानूनी दर्जे के लिए आवेदन कर सकेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि आवेदन प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। गौरतलब है कि स्पेन की राष्ट्रीय पुलिस यूनियन ने पहले चेतावनी दी थी कि इतने बड़े पैमाने पर आवेदनों से व्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है।
राजनीतिक समझौते के बाद आया फैसला
यह फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला रहा, क्योंकि यह सत्तारूढ़ सोशलिस्ट पार्टी और वामपंथी दल पोडेमोस के बीच अंतिम समय में हुए एक राजनीतिक समझौते के बाद सामने आया।
यूरोपीय संसद की सदस्य और पोडेमोस नेता आइरीन मोंतेरो ने सोमवार को सबसे पहले इस समझौते की जानकारी दी थी। उन्होंने अमेरिका में आव्रजन प्रवर्तन की आलोचना करते हुए कहा कि वहां की सख्त कार्रवाइयों, खासकर मिनेसोटा जैसे राज्यों में, मानवाधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रवासी संगठनों और चर्च का स्वागत
स्पेन सरकार के इस फैसले का सैकड़ों प्रवासी अधिकार संगठनों और कैथोलिक संस्थाओं ने स्वागत किया है। इन संगठनों ने पहले ही इसी तरह की पहल के लिए 7 लाख से अधिक हस्ताक्षर जुटाए थे।
प्रवासी अधिकार अभियान समूह RegularizaciónYa (रेगुलराइजेशन नाउ) की प्रवक्ता सिलवाना काब्रेरा ने भावुक होते हुए कहा,
“हम ऐसी जीतों के आदी नहीं हैं। यह हमारे लिए ऐतिहासिक पल है।”
यह आंदोलन कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू हुआ था, जब बड़ी संख्या में प्रवासी बिना किसी अधिकार या सुरक्षा के जरूरी सेवाओं में काम कर रहे थे।
कैथोलिक चर्च और मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया
स्पेनिश एपिस्कोपल कॉन्फ्रेंस (कैथोलिक चर्च संगठन) ने इस फैसले को:
“सामाजिक न्याय का कार्य और उन प्रवासियों की मान्यता बताया, जिन्होंने वर्षों से अपने श्रम से स्पेन के विकास में योगदान दिया है।”
वहीं, यूरोपीय प्रवासी अधिकार नेटवर्क PICUM की वरिष्ठ अधिकारी लेटिशिया वैन डर वेनेट ने कहा,
“ऐसे समय में जब अटलांटिक के दोनों ओर प्रवासियों के खिलाफ माहौल बन रहा है, स्पेन का यह कदम मानवता और समझदारी की मिसाल है।”
निष्कर्ष
स्पेन सरकार का यह फैसला न केवल लाखों प्रवासियों की जिंदगी बदलने वाला है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर आव्रजन नीति को लेकर एक मानवीय और व्यावहारिक उदाहरण भी पेश करता है। जब कई देश प्रवासियों के प्रति कठोर रवैया अपना रहे हैं, तब स्पेन ने समावेशन और सम्मान का रास्ता चुना है।
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