फैशन
किताब पढ़ना था बीमारी, आराम था इलाज! महिलाओं की शिक्षा रोकने वाली सोच की कहानी है बड़ी चौंकाने वाली
आज भी समाज में महिलाओं को ऐसे एक ऐसे वर्ग के रूप में देखा जाता है, जिसमें दिमाग कम होता है। यह मानसिकता लोगों में कुछ इस तरह घर कर चुकी है कि इसे उखाड़ फेंकने में अभी भी कई दशक लगेंगे, पर क्या आप इसके पीछे का इतिहास जानते हैं?
क्या आपको मालूम है कि महिलाओं के पढ़ने-लिखने से जुड़ी यह दकियानूसी मानसिकता की शुरुआत कहां से हुई? चलिए आज आपको इस कहानी के बारे में विस्तार से बताते हैं।
किताबें पढ़ना महिलाओं के लिए माना जाता था बीमारी
19 वीं सदी वो समय था जब आज के विकसित कहे जाने वाले ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों में महिलाओं को किसी भी बौद्धिक गतिविधि के लिए कमजोर माना जाता था। लोगों का मानना था कि महिलाएं शारीरिक और मानसिक रूप से पढ़ने के लिए कमजोर होती हैं। उनका कहना था कि अगर महिलाएं ऐसा करती हैं तो उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।
ज्यादा सोचने से नर्वस सिस्टम हो जाएगा डैमेज
आपको जानकार हैरानी होगी कि उस समय की मेडिकल थ्योरी तो यहां तक दावा करती थी कि औरतों का ज्यादा पढ़ाई-लिखाई करना उनके नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता था। ऐसी धारणा थी कि पढ़ने से नर्वस सिस्टम ज्यादा थकने के साथ ही डैमेज तक हो सकता था। फिर इससे उनकी प्रजनन क्षमता को भी काफी नुकसान पहुंचता था। सरल शब्दों में समझें तो मोटे तौर पर महिलाओं का शिक्षित होना एक बीमारी बना दिया गया था।
उपन्यासों को पढ़ने पर भी थी रोक
उस दौर में महिलाओं के उपन्यासों को पढ़ने पर भी रोक थी, यह तर्क देते हुए कि इससे उनकी भावनाएं भड़क जाती हैं और आलस बढ़ता है। इतना ही नहीं, नॉवल्स पढ़ने से उनका दिमाग खराब होता है, यह भी खूब प्रचलित था।
इलाज के लिए दी गई आराम की सलाह
पढ़ने से नर्वस सिस्टम की सिर्फ बीमारी के बारे में बताने के साथ ही इसके इलाज का सुझाव भी दिया गया। अमेरिकी चिकित्सक एस. वेअर मिचेल ने महिलाओं को नर्वस डिसऑर्डर ठीक करने के लिए अच्छे से आराम और एकांतवास की सलाह दी थी। इसका सीधा सा मतलब था कि कोई पढ़ाई-लिखाई या बौद्धिक गतिविधि नहीं करनी, केवल आराम करना है।
इसका संदेश एकदम साफ था कि महिलाओं को शिक्षा से दूर रखना था, इसके लिए मेडिकल साइंस और हेल्थ का झूठा बहाना भी दिया गया।
-
देश10 months ago‘न्याय के साथ विकास’ से ‘Ease of Living’ तक: बिहार को विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में लाने का संकल्प – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
-
देश9 months ago2027 चुनाव से पहले पंजाब सीएम भगवंत मान का बड़ा राजनीतिक दांव
-
विदेश10 months agoफर्जी डिग्री रैकेट पर ऑस्ट्रेलिया में हंगामा, भारतीय कार्रवाई का हवाला देकर सीनेटर मैल्कम रॉबर्ट्स ने छात्र वीज़ा सिस्टम पर उठाए सवाल
-
उत्तर प्रदेश10 months agoपूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की जेल में बिगड़ी तबीयत, देवरिया से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर
-
बिहार-झारखंड10 months agoखाद कालाबाजारी पर बिहार सरकार का सख्त एक्शन, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू: कृषि मंत्री
-
देश10 months agoराष्ट्रपति द्रौपादी मुर्मु का अमृतसर साहिब में भव्य स्वागत, CM भगवंत मान ने सिख मर्यादा व संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश
-
पंजाब9 months agoमीडिया पर दबाव के आरोप, पंजाब की राजनीति में बढ़ा विवाद
-
दिल्ली9 months agoपंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज अमित शाह से करेंगे मुलाकात, अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

