Connect with us

राज्य

चार ट्रेन रद; कई का रूट चेंज: जोगबनी-सिलीगुड़ी और कटिहार डेमू के थमे पहिए, कोलकाता एक्सप्रेस का भी मार्ग बदला

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के कटिहार-बारसोई रेलखंड पर चल रहे नॉन इंटरलाकिंग (NI) कार्य का बड़ा असर दिखने लगा है। इसका सीधा प्रभाव सीमांचल एवं भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के हजारों रेल यात्रियों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

रेलवे द्वारा जोगबनी-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस समेत कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के परिचालन को अस्थायी रूप से रद एवं आंशिक रूप से निरस्त किए जाने से यात्रियों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।

19 और 20 जून तक नहीं चलेंगी ये मुख्य ट्रेनें

रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, ट्रेन संख्या 75745/75746 कटिहार-जोगबनी-कटिहार डेमू (DEMU) ट्रेन का परिचालन आगामी 19 जून तक पूरी तरह रद कर दिया गया है।

वहीं, ट्रेन संख्या 15723/15724 जोगबनी-सिलीगुड़ी-जोगबनी एक्सप्रेस अब 20 जून तक पटरी पर नहीं दौड़ेगी। इससे रोजाना सफर करने वाले दैनिक यात्रियों, छोटे व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कोलकाता एक्सप्रेस का रूट भी आंशिक रूप से निरस्त

इसके अलावा, लंबी दूरी की ट्रेन संख्या 13159 कोलकाता-जोगबनी एक्सप्रेस को 17 जून तथा वापसी में ट्रेन संख्या 13160 जोगबनी-कोलकाता एक्सप्रेस को 18 जून तक आंशिक रूप से रद किया गया है।

रेल प्रशासन के मुताबिक, कटिहार-बारसोई रेलखंड पर ट्रैक और सिग्नलिंग को आधुनिक बनाने के लिए यह ब्लॉक लिया गया है, जो रेल सुरक्षा और सुचारू परिचालन के लिए बेहद जरूरी है।

कुल 16 ट्रेनों के मार्गों में किया गया है बड़ा बदलाव

इस नॉन इंटरलाकिंग कार्य के कारण एनएफ रेलवे (NF Railway) की कुल 16 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन (Route Divert) किया गया है। वहीं, 4 ट्रेनों को पूर्ण रूप से रद किया गया है तथा कई अन्य ट्रेनों के समय और परिचालन में भी आंशिक बदलाव किए गए हैं। अचानक ट्रेनों के रद होने और रूट बदले जाने से स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है और लोग परेशान घूम रहे हैं।

चैंबर ऑफ कॉमर्स और उपभोक्ता समिति ने उठाई आवाज

यात्रियों की लगातार बढ़ती परेशानियों को देखते हुए स्थानीय सामाजिक और व्यापारिक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। चैंबर ऑफ कॉमर्स अररिया के सचिव राकेश रौशन और मंडल रेल उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति (DRUCC) के सदस्य बच्छराज राखेचा ने रेल प्रशासन से इस पर तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीमांचल के यात्रियों को भगवान भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।

यात्रियों की भीड़ रोकने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग

इसके साथ ही रेल यात्री संघ के चंदन भगत, सिविल सोसायटी के मांगी लाल गोलछा तथा रेल संघर्ष समिति के पवन मिश्रा ने रेल प्रशासन से शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।

इन संगठनों ने कटिहार रेल मंडल से अपील की है कि जब तक ईएमयू (EMU) रैक उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आईसीएफ (ICF) रैक से कम से कम दो जोड़ी अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएं।

अतिरिक्त ट्रेनें चलाने से रेलवे को भी होगा तगड़ा फायदा

स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि दो जोड़ी अतिरिक्त ट्रेनें चलाने से न केवल स्टेशनों और नियमित ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ पर नियंत्रण पाया जा सकेगा, बल्कि आम लोगों को भी इस भीषण गर्मी में बड़ी राहत मिलेगी।

इसके साथ ही, यात्रियों को सुगम साधन मिलने से रेलवे के राजस्व (Revenue) में भी अच्छी खासी वृद्धि दर्ज होगी, जिससे रेलवे को भी फायदा होगा।

Instagram

Facebook

Janta Voice Times

Janta Voice Times All India News

Trending

Copyright © 2025 Janta Voice Times. * All Rights Reserved. *