राजनीति
सुप्रीम कोर्ट के एसआईआर फैसले के बाद बीजेपी ने विपक्ष पर साधा निशाना
SC SIR का फैसला: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को चुनाव आयोग के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखने के बाद कांग्रेस और विपक्ष के इंडिया ब्लॉक पर तीखा हमला किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस कवायद का विरोध किया क्योंकि वह “अवैध मतदाताओं” के साथ खड़ी थी।
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस फैसले ने चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई मतदाता सूची पुनरीक्षण कवायद के खिलाफ विपक्ष के विमर्श को पूरी तरह से उजागर कर दिया है।
त्रिवेदी ने कहा, ‘बिहार और पश्चिम बंगाल में निर्णायक और भीषण हार के बाद और देश में अराजकता फैलाने के उनके नापाक मंसूबे के विफल होने के बाद अब यह कांग्रेस के लिए एक संवैधानिक हार है।
उन्होंने इस फैसले को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के लिए ‘राजनीतिक, नैतिक और संवैधानिक हार’ करार दिया।
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनावी झटकों के बाद चुनाव आयोग को दोषी ठहराने का प्रयास किया और पार्टी पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ”उच्चतम न्यायालय ने इस कवायद को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया है, इसे चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आने की पुष्टि की है और स्वतंत्र एवं पारदर्शी चुनाव कराने के लिए इसे अपरिहार्य माना है।
भाजपा नेता ने दावा किया कि विपक्ष ने एसआईआर कवायद का विरोध किया क्योंकि यह वास्तविक मतदाताओं के बजाय घुसपैठियों को बचा रहा था।
कांग्रेस पर एक अन्य हमला करते हुए त्रिवेदी ने कहा, ‘विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस के समझौते चीन से जुड़े हैं, इटली में उनके पारिवारिक संबंध, इंग्लैंड में उनका वैचारिक केंद्र, अमेरिकी संस्थानों के भीतर दुर्भावनापूर्ण प्रचार का केंद्र और उनका मतदाता आधार बांग्लादेश से जुड़ा हुआ है।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को बेनकाब कर दिया है।
भंडारी ने एक्स पर विपक्ष के रुख को ‘राष्ट्र विरोधी कृत्य’ करार देते हुए लिखा, ”यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने इसका विरोध किया क्योंकि वे अवैध घुसपैठियों के साथ खड़े थे, न कि भारतीय मतदाताओं के साथ।
भाजपा के वरिष्ठ नेता नलिन कोहली ने भी फैसले का स्वागत किया और विपक्षी दलों से चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाना बंद करने का आग्रह किया।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े सभी कानूनी मुद्दों को स्पष्ट कर दिया है और कहा कि चुनाव सुधारों के तहत मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया भविष्य में भी जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए विपक्षी दलों के इन आरोपों को खारिज कर दिया कि यह कवायद मनमानी या असंवैधानिक है।
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