राज्य
33 साल नौकरी, बेगूसराय में रिटायरमेंट से पहले नियुक्ति पर उठे सवाल! RTI में खुला ऐसा राज, फिर गठित हुई जांच टीम
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरौनी के अधीन स्वास्थ्य उपकेंद्र बीहट में कार्यरत एएनएम मंजू कुमारी की नियुक्ति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हर्रख, बेगूसराय निवासी डा. अरविंद कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि मंजू कुमारी फर्जी नाम और नियुक्ति पत्र के आधार पर वर्ष 1993 से नौकरी कर रही हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री एवं सहयोग पोर्टल पर आवेदन देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायत में दोषी पाए जाने पर सेवा से बर्खास्तगी और अब तक मिले वेतन-भत्ते की ब्याज समेत वसूली की मांग भी की गई है।
मामला ऐसे समय सामने आया है, जब संबंधित एएनएम अगस्त 2026 में सेवानिवृत्त होने वाली हैं। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सेवापुस्तिका में दर्ज है 12 अगस्त 1966 जन्मतिथि
शिकायतकर्ता के अनुसार भगवानपुर थाना क्षेत्र के चेरिया निवासी मंजु कुमारी, पति अनिल कुमार राय, स्वास्थ्य उपकेंद्र बीहट में एएनएम के पद पर कार्यरत हैं।
आवेदन में बताया गया है कि उनकी सेवापुस्तिका में जन्मतिथि 12 अगस्त 1966 दर्ज है। उनकी नियुक्ति स्वास्थ्य निदेशालय, बिहार, पटना के ज्ञापांक 5(6), दिनांक दो जनवरी 1993 के आधार पर बताई गई है।
डा. अरविंद कुमार सिंह ने इसी नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों और विवरण की जानकारी आरटीआइ के माध्यम से मांगी थी।
आरटीआइ से मिले जवाब के बाद उन्होंने नियुक्ति पत्र की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया है। इसी के आधार पर उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जांच की मांग की है।
RTI के जवाब ने खड़े किए नियुक्ति पत्र पर सवाल
आरटीआइ के जवाब में स्वास्थ्य निदेशालय ने पत्र संख्या 6/एम-16-27/2026-961(6) के माध्यम से जानकारी दी। जवाब में बताया गया कि उक्त ज्ञापांक वाला पत्र अधीक्षक, एनएमसीएच के नाम से निर्गत है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि इस जानकारी के आधार पर मंजु कुमारी की ओर से प्रस्तुत नियुक्ति पत्र की प्रामाणिकता की जांच जरूरी हो जाती है।
उन्होंने नियुक्ति से जुड़े मूल अभिलेखों का सत्यापन कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि दस्तावेजों की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नियुक्ति नियमों के तहत हुई थी या नहीं। मामले में विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
सिविल सर्जन ने वेतन रोका, तीन सदस्यीय टीम बनाई
सिविल सर्जन, बेगूसराय ने पत्रांक 834, दिनांक 27 जून 2026 के माध्यम से मंजु कुमारी का वेतन रोक दिया था।इसके साथ ही मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया।
टीम में एसीएमओ डा. अंजु तुरियार, एनसीडीओ डा. संजय कुमार एवं सीडीओ डा. राजू कुमार को शामिल किया गया था।
गठित टीम ने मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट विभाग को भेज दी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पहली जांच के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने मामले को स्वास्थ्य निदेशालय के स्तर पर भी उठाया।
पहली जांच के बाद निदेशक प्रमुख ने फिर गठित की टीम
मामले को लेकर स्वास्थ्य निदेशालय की निदेशक प्रमुख डा. रेखा झा ने पुनः तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है।शिकायतकर्ता के अनुसार नई टीम से मामले में दस्तावेजों और नियुक्ति प्रक्रिया की दोबारा जांच की जा रही है।
नई जांच रिपोर्ट अभी प्रतीक्षित है। रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और नियुक्ति की वैधता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता है।अब निगाहें विभाग की जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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