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बिहार-झारखंड

अश्लील और दोहरे अर्थ वाले गानों पर बिहार पुलिस का राज्यव्यापी अभियान, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर सरकार सख्त

‘विकसित बिहार’ की दिशा आज होगी तय, 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश, रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर रहेगा फोकस

अश्लील और दोहरे अर्थ वाले गानों पर बिहार पुलिस का राज्यव्यापी अभियान, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर सरकार सख्त

पटना।
बिहार में अश्लील और दोहरे अर्थ वाले गानों के खिलाफ अब सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। राज्य में बढ़ती अश्लीलता और सार्वजनिक स्थलों पर बजाए जा रहे आपत्तिजनक गीतों को लेकर बिहार पुलिस ने राज्यव्यापी अभियान शुरू कर दिया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को इसे एक “गंभीर सामाजिक समस्या” करार देते हुए कहा कि ऐसे गाने न केवल महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को खतरे में डालते हैं, बल्कि बच्चों के मानसिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जिनके पास गृह विभाग का भी प्रभार है, ने स्पष्ट किया कि इस तरह की अश्लीलता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार समाज में मर्यादा, सम्मान और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

होली से पहले विशेष अभियान चलाने के निर्देश

सम्राट चौधरी ने अपने बयान में बताया कि होली पर्व को देखते हुए राज्य के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान के तहत सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील और फूहड़ गाने बजाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

उन्होंने कहा कि बसों, ट्रकों, ऑटो-रिक्शा, सार्वजनिक चौक-चौराहों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ऐसे गाने बजाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी जिला पुलिस इकाइयों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

जिलों को भेजा गया सर्कुलर, पुलिस कप्तानों पर जिम्मेदारी

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान को लेकर एक आधिकारिक सर्कुलर पहले ही सभी जिलों को भेजा जा चुका है। जिला पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस अभियान को सख्ती और गंभीरता से लागू करें।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी सार्वजनिक स्थान पर महिलाओं और बच्चों को असहज करने वाली गतिविधियां न हों। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

महिलाओं की गरिमा और बच्चों के भविष्य का सवाल

सम्राट चौधरी ने अश्लील गानों के सामाजिक प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा,

“इस तरह के गाने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं को शर्मिंदगी में डालते हैं और बच्चों के कोमल मन पर गलत असर डालते हैं। यह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि समाज की नैतिकता और भविष्य का सवाल है।”

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देना है, ताकि वे बिना किसी डर या असहजता के सार्वजनिक स्थलों पर आ-जा सकें।

पहले भी विधानसभा में उठ चुका है मामला

गौरतलब है कि अश्लील और दोहरे अर्थ वाले गानों का मुद्दा इससे पहले भी बिहार विधानसभा में उठ चुका है। मार्च 2023 में कांग्रेस विधायक प्रतीमा कुमारी ने सदन में इस विषय को जोर-शोर से उठाते हुए सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

उस समय राज्य सरकार ने विधानसभा को आश्वासन दिया था कि इस तरह की अश्लीलता पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। अब होली से पहले शुरू किया गया यह विशेष अभियान उसी दिशा में सरकार के वादे को अमल में लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

सार्वजनिक स्थानों पर अश्लीलता पर लगेगा लगाम

बिहार पुलिस के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन और खुले स्थानों पर फैल रही अश्लीलता पर लगाम लगाना है। अक्सर त्योहारों के दौरान तेज आवाज में बजाए जाने वाले फूहड़ गीत महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियान के दौरान

  • वाहनों की जांच

  • सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी

  • शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई

जैसे कदम उठाए जाएंगे।

समाज में बढ़ती अश्लीलता पर जनचिंता

पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया, म्यूजिक प्लेटफॉर्म और लोकल मनोरंजन माध्यमों के जरिए अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट तेजी से फैल रहा है। इसे लेकर आम लोगों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों में भी गहरी चिंता है।

बिहार पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब समाज में संस्कृति, मर्यादा और सार्वजनिक आचरण को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

कानून के दायरे में होगी कार्रवाई

अधिकारियों ने साफ किया है कि इस अभियान के तहत पकड़े गए लोगों पर भारतीय दंड संहिता और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर जुर्माना, वाहन जब्ती और कानूनी नोटिस जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

पुलिस का कहना है कि यह अभियान केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाली कार्रवाई का हिस्सा है।

सरकार का सख्त संदेश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार सरकार का यह कदम एक सख्त और स्पष्ट संदेश देता है कि सार्वजनिक जीवन में अश्लीलता और महिलाओं के अपमान को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यह अभियान न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि समाज में एक सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण बनाने में भी मददगार साबित होगा।

जनता से सहयोग की अपील

सरकार और पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे

  • ऐसे गानों को बढ़ावा न दें

  • सार्वजनिक स्थानों पर अश्लीलता का विरोध करें

  • नियमों का उल्लंघन होते देख तुरंत पुलिस को सूचना दें

सरकार का कहना है कि प्रशासन और जनता के सामूहिक प्रयास से ही इस सामाजिक बुराई पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है।


👉 बिहार की राजनीति, प्रशासन और समाज से जुड़ी ऐसी ही भरोसेमंद खबरों के लिए पढ़ते रहें:
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