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शाहजहांपुर में 2 बाउंसर और नकली पिस्तौल के साथ घूम रहा था 21 साल का फर्जी ब्रिगेडियर आर्यन वर्मा, कर्नल की नजरों से नहीं बच पाया

इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का खुलासा करते हुए सेना के एडमिन कमांडेंट कर्नल जे.एस. जगरान ने बताया कि यह फर्जी ब्रिगेडियर उनकी नजरों से बच नहीं पा रहा था. दरअसल अप्रैल के महीने से ही सेना की इंटेलिजेंस विंग को इस शख्स पर शक था. कर्नल जगरान कई बार इस फर्जी अफसर को देख चुके थे और उसकी तलाश में थे. लेकिन इसे रंगे हाथों पकड़ने के लिए सेना ने एक बेहद ही दिलचस्प जाल बुना.

कर्नल की ट्रैप में फंसा आर्यन वर्मा

सेना के अफसरों ने आर्यन वर्मा को पकड़ने के लिए एक अनोखा प्लान बनाया. कैंट एरिया में सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक प्रोत्साहन और मोटिवेशनल कार्यक्रम रखा गया. कर्नल ने इस फर्जी ब्रिगेडियर आर्यन वर्मा को मुख्य अतिथि के तौर पर छात्रों को मोटिवेट करने के लिए आमंत्रित किया.

इस दौरान आर्यन वर्मा अपनी पूरी रवानगी के साथ ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर, बाकायदा रौब झाड़ते हुए कैंट इलाके में बने म्यूजियम में पहुंच गया. जैसे ही वह अपनी गाड़ी से उतरा वहां पहले से मुस्तैद मिलिट्री पुलिस और सेना के जवानों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और धर दबोचा.

घर पर भी लगा रखी थी ब्रिगेडियर की नेम प्लेट

जब सेना ने इस फर्जी ब्रिगेडियर की तलाशी ली तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए.आर्यन वर्मा के पास से सेना का एक पहचान पत्र मिला जिस पर नकली सील लगी हुई थी. रौब गांठने के लिए वह अपनी कमर में एक नकली पिस्तौल खोंसकर घूमता था. आरोपी आर्यन वर्मा रोजा थाना क्षेत्र के दुर्गा एनक्लेव कॉलोनी का रहने वाला है. उसने हद तो तब कर दी जब अपने घर के बाहर भी बड़े-बड़े अक्षरों में ब्रिगेडियर आर्यन वर्मा नाम की नेम प्लेट टांग रखी थी ताकि पड़ोसियों और रिश्तेदारों पर धौंस जमा सके.इसके अलावा उसके पास से सेना से जुड़े कई फर्जी और संवेदनशील दस्तावेज भी बरामद हुए हैं.

बरेली से बुलाई गई स्पेशल विंग

जिस इलाके में यह फर्जी ब्रिगेडियर खुलेआम अपनी गाड़ी और बाउंसरों के साथ घूम रहा था, वह सेना का बेहद संवेदनशील जोन माना जाता है. यहां न सिर्फ भारतीय सेना की पूरी एक ब्रिगेड मौजूद है बल्कि चंद कदमों की दूरी पर ही जिले के डीएम और एसपी के वीवीआईपी आवास भी हैं.

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल मिलिट्री पुलिस आर्यन वर्मा को अपने साथ कस्टडी में ले गई है. यहां बंद कमरे में उससे गहन पूछताछ की जा रही है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बरेली से सेना की एक स्पेशल इंटेलिजेंस टीम भी शाहजहांपुर पहुंच रही है जो यह पता लगाएगी कि आखिर सेना की वर्दी पहनकर इस संवेदनशील कैंट क्षेत्र में घूमने के पीछे आर्यन वर्मा का असली मकसद क्या था? क्या वह केवल रौब झाड़कर युवाओं से ठगी करता था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है?

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