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गुरुग्राम: महिला ने कैब ड्राइवर को घंटों शहर में घुमाया, किराया मांगने पर छेड़छाड़ केस में फंसाने की धमकी
हरियाणा के गुरुग्राम से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने कैब सेवाओं की सुरक्षा, यात्रियों और ड्राइवरों के रिश्ते तथा कानून के दुरुपयोग जैसे सवालों को फिर से चर्चा में ला दिया है। आरोप है कि एक महिला यात्री ने कैब ड्राइवर को कई घंटों तक शहर में अलग-अलग इलाकों में घुमाया और जब ड्राइवर ने यात्रा पूरी होने के बाद किराया मांगा, तो महिला ने उसे छेड़छाड़ के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे डाली। पीड़ित ड्राइवर ने इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत पुलिस से की है, जिसके बाद मामला जांच के दायरे में है।
ड्राइवर के अनुसार, उसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए एक कैब बुकिंग मिली थी। तय समय पर वह महिला को लेने पहुंचा और यात्रा शुरू हुई। शुरुआत में महिला ने कुछ नजदीकी लोकेशन बताई, लेकिन रास्ते में बार-बार गंतव्य बदलने और अलग-अलग जगहों पर रुकने को कहा गया। ड्राइवर का दावा है कि वह महिला के निर्देशों के अनुसार कैब को शहर के कई इलाकों में ले गया और यह सफर कुछ मिनटों का नहीं, बल्कि कई घंटों तक चला।
ड्राइवर का कहना है कि उसने बार-बार यात्रा की अवधि और बढ़ते किराए के बारे में महिला को जानकारी दी, लेकिन महिला ने उसे नजरअंदाज किया और यात्रा जारी रखने को कहा। ड्राइवर के मुताबिक, वह एक पेशेवर के तौर पर अपना काम करता रहा और पूरे समय शालीन व्यवहार बनाए रखा।
ड्राइवर के अनुसार, जब यात्रा समाप्त हुई और उसने तय दूरी व समय के आधार पर किराया मांगा, तभी विवाद शुरू हुआ। महिला ने किराया देने से इनकार कर दिया और बहस करने लगी। इसी दौरान महिला ने कथित तौर पर ड्राइवर को धमकी दी कि अगर उसने किराए पर जोर दिया तो वह उसके खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज करा देगी।
ड्राइवर का कहना है कि इस धमकी से वह डर गया, क्योंकि ऐसे मामलों में अक्सर पहले आरोप लगते हैं और बाद में जांच होती है। उसने खुद को फंसते देख तुरंत पुलिस की मदद लेने का फैसला किया और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत की। ड्राइवर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने शुरुआती जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, कैब बुकिंग डिटेल्स, यात्रा का पूरा रूट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यात्रा कितनी देर चली और विवाद किस बात पर हुआ।
पुलिस ने यह भी साफ किया है कि महिला की ओर से लगाए गए किसी भी आरोप को भी नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान, डिजिटल रिकॉर्ड और मौके की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद कैब ड्राइवरों के बीच चिंता और नाराजगी देखी जा रही है। कई ड्राइवरों का कहना है कि वे रोज़ाना यात्रियों की सेवा करते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं उनके लिए मानसिक दबाव और डर का कारण बनती हैं। ड्राइवरों का मानना है कि झूठे आरोप की धमकी भी उनके करियर और इज्जत को नुकसान पहुंचा सकती है।
कुछ ड्राइवर संगठनों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में तुरंत निष्पक्ष जांच हो और कैब ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए भी ठोस नियम बनाए जाएं, ताकि कोई भी व्यक्ति कानून का गलत इस्तेमाल कर किसी को डराने-धमकाने न पाए।
यह मामला एक संवेदनशील बहस को भी जन्म देता है। एक ओर महिलाओं की सुरक्षा बेहद जरूरी है और छेड़छाड़ जैसे मामलों में सख्त कानून होना चाहिए, वहीं दूसरी ओर अगर इन कानूनों का गलत इस्तेमाल किया जाए तो निर्दोष लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में बिना पूर्वाग्रह के तथ्यों की गहराई से जांच जरूरी है।
कानूनी जानकारों के मुताबिक, केवल आरोप लगना ही किसी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं होता। तकनीकी सबूत, सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान ऐसे मामलों में अहम भूमिका निभाते हैं।
गुरुग्राम का यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कुछ लोग ड्राइवर के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं और इसे कानून के दुरुपयोग का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि जब तक जांच पूरी न हो जाए, किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखें।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच में धमकी या गलत मंशा की पुष्टि होती है, तो कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं अगर किसी भी तरह की गलत हरकत सामने आती है, तो उस पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
गुरुग्राम की यह घटना सिर्फ एक कैब विवाद नहीं, बल्कि एक बड़ा सामाजिक और कानूनी सवाल भी खड़ा करती है। यात्रियों और सेवा प्रदाताओं के बीच विश्वास बनाए रखना, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कानून के दुरुपयोग को रोकना—ये तीनों ही इस मामले के अहम पहलू हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे सच्चाई सामने आ सके और न्याय हो।

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