देश
रूस से ब्राजील तक के विदेशी पक्षियों का पटना में डेरा, तालाबों में गूंज रहा कलरव
सर्दियों की शुरुआत के साथ ही बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर विदेशी पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार हो गई है। रूस से लेकर ब्राजील जैसे दूर-दराज के देशों से आए प्रवासी पक्षियों ने पटना के तालाबों, झीलों और जलाशयों में डेरा डाल लिया है। इन रंग-बिरंगे पक्षियों की मौजूदगी से शहर का प्राकृतिक सौंदर्य और भी आकर्षक हो गया है।
हर साल ठंड के मौसम में हजारों किलोमीटर का सफर तय कर ये विदेशी पक्षी भारत आते हैं। पटना के आसपास मौजूद जल स्रोत, शांत वातावरण और भरपूर भोजन इन पक्षियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, साइबेरिया, रूस, मध्य एशिया और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों से उड़ान भरने वाले ये पक्षी नवंबर से फरवरी तक यहां रहते हैं।
स्थानीय पक्षी प्रेमियों और पर्यावरणविदों का कहना है कि इस साल प्रवासी पक्षियों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली है। सुबह और शाम के समय तालाबों के आसपास इन पक्षियों का कलरव सुनाई देता है, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। कई फोटोग्राफर और पक्षी विशेषज्ञ भी इन नजारों को कैमरे में कैद करने के लिए पहुंच रहे हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पटना में प्रवासी पक्षियों का आना इस बात का संकेत है कि यहां का पर्यावरण फिलहाल इनके लिए अनुकूल बना हुआ है। विभाग की ओर से पक्षियों की सुरक्षा को लेकर निगरानी भी बढ़ा दी गई है। शिकार पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है और स्थानीय लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे इन मेहमान पक्षियों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचाएं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि प्रवासी पक्षी केवल सौंदर्य ही नहीं बढ़ाते, बल्कि पर्यावरण संतुलन में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ये पक्षी कीट नियंत्रण में मदद करते हैं और जैव विविधता को मजबूत बनाते हैं। ऐसे में इनका संरक्षण बेहद जरूरी है।
हालांकि, कुछ इलाकों में जल प्रदूषण और अतिक्रमण जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं, जो भविष्य में प्रवासी पक्षियों के लिए खतरा बन सकती हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि यदि तालाबों और जलाशयों की नियमित सफाई और संरक्षण नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में इन पक्षियों की संख्या घट सकती है।
स्थानीय लोगों में भी विदेशी पक्षियों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बच्चे, बुजुर्ग और प्रकृति प्रेमी सुबह-सुबह तालाबों की ओर रुख कर रहे हैं ताकि इन खूबसूरत परिंदों को करीब से देखा जा सके। कई लोग इसे प्रकृति के साथ जुड़ने का एक बेहतरीन अवसर मान रहे हैं।
कुल मिलाकर, रूस से ब्राजील तक के विदेशी पक्षियों की मौजूदगी ने पटना को इन दिनों एक खास पहचान दे दी है। इन परिंदों का कलरव न सिर्फ शहर की रौनक बढ़ा रहा है, बल्कि यह संदेश भी दे रहा है कि यदि प्रकृति का संरक्षण किया जाए, तो वह हमें अपने सबसे सुंदर रूप से नवाजती है।
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